Motilal Oswal ने EPL Limited पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और ₹290 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी FY28 तक 14% रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करेगी। हालांकि, Q1 FY27 के नतीजों में नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे रिस्क पर निवेशकों की नजर रहेगी।
Motilal Oswal की EPL पर बुलिश राय
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Securities ने पैकेजिंग कंपनी EPL Limited पर कवरेज शुरू करते हुए 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹290 का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 के बीच 14% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से रेवेन्यू बढ़ाएगी। यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब कंपनी मजबूत डिमांड और कुछ खास वित्तीय व बाजार संबंधी दबावों के बीच संतुलन बना रही है।
Q1 में दमदार रेवेन्यू ग्रोथ, प्रॉफिट में हल्की गिरावट
EPL Limited के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजे मजबूत डिमांड का संकेत देते हैं। कंपनी ने ₹13.88 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 25.3% ज्यादा है। इस ग्रोथ में ईस्ट एशिया पैसिफिक (EAP) रीजन का सबसे बड़ा योगदान रहा, जहां 34.3% की ईयर-ऑन-ईयर बढ़ोतरी हुई। पर्सनल केयर, ब्यूटी और कॉस्मेटिक्स सेग्मेंट में भी कंपनी को अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।
इसके बावजूद, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹986 मिलियन रहा। कंपनी के खुलासों के अनुसार, यह गिरावट किसी ऑपरेशनल स्लोडाउन की वजह से नहीं, बल्कि टैक्स से जुड़े बेस इफेक्ट्स के कारण आई है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि EPL की ज्योग्राफिकल एक्सपेंशन की रणनीति और हाई-ग्रोथ सेग्मेंट्स पर फोकस आने वाले सालों में रेवेन्यू परफॉरमेंस को सपोर्ट करता रहेगा।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें
ग्रोथ का आउटलुक पॉजिटिव होने के बावजूद, निवेशकों को कुछ ऐसे फैक्टर्स पर ध्यान देना चाहिए जो स्टॉक और कंपनी की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। एक बड़ा रिस्क प्राइवेट इक्विटी फर्म Epsilon Bidco (Blackstone) द्वारा स्टेक की बिक्री का ओवरहैंग है। प्राइवेट इक्विटी फर्मों द्वारा बड़े स्टेक की बिक्री से स्टॉक प्राइस पर अस्थायी सप्लाई प्रेशर बन सकता है।
इसके अलावा, कंपनी को कमोडिटी की कीमतों में महंगाई और इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। कंपनी इंडोविदा के साथ अपने मर्जर को भी इंटीग्रेट कर रही है, जिसके लिए रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार है। निवेशकों को इन अप्रूवल की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि कंपनी कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता के बीच मार्जिन को कैसे बनाए रखती है।
आगे चलकर, बाजार इस बात पर ध्यान देगा कि क्या EPL अपनी 'हाई टीन्स' रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को बनाए रख पाती है और नए एक्विजिशन को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट कर पाती है, साथ ही संभावित इक्विटी सप्लाई प्रेशर को भी मैनेज कर पाती है।
