Motilal Oswal ने Zydus Wellness पर 'Buy' रेटिंग और ₹665 का टारगेट प्राइस देकर अपनी कवरेज शुरू की है। कंपनी की पहली तिमाही की सेल्स **67%** बढ़ी है, लेकिन एक्विजिशन (Acquisition) से जुड़े खर्चों के कारण प्रॉफिट (Profit) घटा है। निवेशक इस मजबूत ग्रोथ को मौसम की मार झेल रहे डोमेस्टिक बिजनेस के मुकाबले तौल रहे हैं।
Motilal Oswal का Zydus Wellness पर भरोसा
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Zydus Wellness पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और शेयर के लिए ₹665 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज की यह वैल्यूएशन Sum-of-the-Parts मेथड पर आधारित है। इसके तहत, इंडिया बिजनेस को 30 गुना और इंटरनेशनल बिजनेस (Comfort Click) को 20 गुना EV/EBITDA (FY28 एस्टीमेट) पर वैल्यू किया गया है।
पहली तिमाही के नतीजे: सेल्स में उछाल, प्रॉफिट में गिरावट
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे। कंसॉलिडेटेड नेट सेल्स में पिछले साल के मुकाबले 66.7% का जोरदार उछाल आया और यह ₹14.3 बिलियन पर पहुंच गई। हालांकि, रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट 7% घटकर ₹1.19 बिलियन रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह Comfort Click के एक्विजिशन से जुड़े ब्रांड एमोर्टाइजेशन (Amortization) और फाइनेंसिंग खर्चों का बढ़ना है। अगर इन एकमुश्त या एक्विजिशन से जुड़े खर्चों को हटा दिया जाए, तो एडजस्टेड नेट प्रॉफिट में 26.5% का इजाफा होकर यह ₹1.68 बिलियन हो गया।
डोमेस्टिक बिजनेस पर मौसम का असर
कंपनी के डोमेस्टिक सेगमेंट, जिसमें Glucon-D और Nycil जैसे ब्रांड शामिल हैं, ने तिमाही के दौरान 5% की ग्रोथ दर्ज की। यह ग्रोथ कुछ एनालिस्ट्स के अनुमानों से थोड़ी कम रही, जिसका मुख्य कारण गर्मी की देरी और उत्तर व पूर्वी भारत में बेमौसम बारिश रहा। इन मौसमी कारणों से Glucon-D और Nycil जैसे प्रोडक्ट्स की डिमांड पर असर पड़ा। हालांकि, Sugar Free में कंपनी का मार्केट शेयर 96.1% और Glucon-D में 59.1% पर बरकरार है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों के लिए Comfort Click एक्विजिशन का इंटीग्रेशन (Integration) एक अहम पहलू है। इस एक्विजिशन ने कंपनी के सेल्स नेटवर्क को बढ़ाया है, लेकिन एमोर्टाइजेशन और फाइनेंसिंग की लागतें फिलहाल रिपोर्टेड प्रॉफिट पर दबाव बना रही हैं। भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगी कि वह इन इंटीग्रेशन खर्चों को कैसे मैनेज करती है और अपने बढ़े हुए प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में तालमेल कैसे बिठाती है। इसके अलावा, हाल की मौसम संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे सीजनल ब्रांड्स की रिकवरी भी डोमेस्टिक ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगी।
यह देखना भी अहम होगा कि कंपनी कंज्यूमर की बदलती पसंद और न्यूट्रिशनल ड्रिंक कैटेगरी के ट्रेंड्स जैसी चुनौतियों के बीच Sugar Free और एनर्जी ड्रिंक सेगमेंट में अपना मार्केट शेयर कैसे बनाए रखती है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में मैनेजमेंट से इस बात पर कमेंट्री की उम्मीद होगी कि कंपनी इन हाई इंटीग्रेशन कॉस्ट्स को ऑपरेशनल सुधारों के साथ कैसे संतुलित करेगी।
