Astral Share Price: ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट, ₹1,710 हुआ नया लक्ष्य, डी-मर्जर का दिखेगा असर?

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Astral Share Price: ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट, ₹1,710 हुआ नया लक्ष्य, डी-मर्जर का दिखेगा असर?

बाजार के बड़े ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने Astral Ltd. के शेयरों पर अपना टारगेट प्राइस घटाकर **₹1,710** कर दिया है। यह कदम मार्च के उच्चतम स्तर से शेयर में आई करीब **15%** की गिरावट के बाद उठाया गया है। Astral जल्द ही अपने प्लंबिंग और केमिकल बिजनेस को अलग-अलग कंपनियों में बांटने की तैयारी कर रही है।

क्यों घटाया टारगेट प्राइस?

Motilal Oswal ने Astral Ltd. के लिए ₹1,710 का नया टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा बाजार वैल्यूएशन को दर्शाता है, जहां शेयर अपने अनुमानित FY28 अर्निंग्स का लगभग 45 गुना पर ट्रेड कर रहा है। इसके बावजूद, ब्रोकरेज का कंपनी पर भरोसा बरकरार है और उन्होंने अपनी पॉजिटिव रेटिंग को कायम रखा है।

बिजनेस डी-मर्जर की रणनीति

Astral के बोर्ड ने हाल ही में अपने प्लंबिंग और केमिकल बिजनेस को दो अलग-अलग स्वतंत्र कंपनियों में डी-मर्ज करने की योजना को मंजूरी दी है। कंपनी का मैनेजमेंट उम्मीद कर रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया को अगले 9 से 12 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य हर बिजनेस यूनिट को अपने विशेष मार्केट सेगमेंट पर बेहतर फोकस करने का मौका देना है। कंपनी के प्रमुख कैपिटल स्पेंडिंग साइकिल के खत्म होने के साथ, मैनेजमेंट का मानना है कि यह विभाजन दोनों इकाइयों को अधिक कुशलता से ग्रोथ के अवसरों को भुनाने में मदद करेगा।

फाइनेंशियल टारगेट और ग्रोथ का अनुमान

वित्तीय वर्ष 2021 से 2026 के बीच, Astral ने रेवेन्यू में सालाना औसतन 16%, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 11% और नेट प्रॉफिट में 7% की ग्रोथ दर्ज की है। आने वाले सालों, यानी FY26-28 के लिए, Motilal Oswal को और भी मजबूत ग्रोथ का अनुमान है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इस दौरान रेवेन्यू में 16% सालाना, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 20% की वृद्धि और नेट प्रॉफिट में 25% का तगड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

FY28 तक, ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 17% तक पहुंच सकता है, जो शेयरधारकों के पैसे का उपयोग करके लाभ उत्पन्न करने की कंपनी की क्षमता को दर्शाता है। वहीं, रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 24% रहने का अनुमान है।

पेंट और एडहेसिव सेगमेंट की चुनौती

डी-मर्जर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है, लेकिन ब्रोकरेज ने इस बात पर जोर दिया है कि कंपनी की सफलता काफी हद तक एडहेसिव और पेंट सेगमेंट में उसके प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। भारतीय पेंट इंडस्ट्री में बड़ी और स्थापित कंपनियों का दबदबा है, ऐसे में Astral के लिए इस नए सेगमेंट में मार्केट शेयर हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके साथ ही, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एडहेसिव बिजनेस का प्रदर्शन भी Astral के लॉन्ग-टर्म वैल्यूएशन को निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों को डी-मर्जर की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि जटिल पुनर्गठन योजनाओं में देरी या अप्रत्याशित लागतें आ सकती हैं। इसके अलावा, नए पेंट डिवीजन का ऑपरेशनल परफॉरमेंस भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा। चूंकि कंपनी अपने प्रमुख विस्तार चरण को पूरा कर चुकी है, बाजार इस बात पर ध्यान देगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने और कैश फ्लो जनरेशन में सुधार करने में कितनी सफल रहती है।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.