Mondelez India ने भारतीय बाजार में अपनी नई लग्जरी चॉकलेट, Côte d'Or, को लॉन्च कर दिया है। यह प्रीमियम स्नैक्स की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पेश की गई है। यह रेंज ₹499 से ₹599 के बीच मिलेगी और मुख्य रूप से क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
प्रीमियम चॉकलेट पोर्टफोलियो का विस्तार
Mondelez India ने अब अपनी अंतर्राष्ट्रीय बेल्जियन चॉकलेट ब्रांड, Côte d'Or, को भारतीय बाजार में उतार दिया है। यह कदम कंपनी के प्रीमियम चॉकलेट पोर्टफोलियो को बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद भारत में ग्लोबल ब्रांड्स और बेहतर फूड एक्सपीरियंस की बढ़ती मांग को भुनाना है।
1883 की विरासत का स्वाद
साल 1883 में स्थापित Côte d'Or ब्रांड को भारत में लाना Mondelez के लिए एक सोची-समझी रणनीति है ताकि प्रीमियम 'प्र céu mi' (Premiumization) ट्रेंड का फायदा उठाया जा सके। हाल के वर्षों में, भारत की बड़ी फूड कंपनियों ने अपने प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ाने के लिए हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की ओर रुख किया है। ऐसे में, Mondelez अपने स्थापित ग्लोबल ब्रांड्स को भारत में लाकर शहरी उपभोक्ताओं के 'डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग' (Discretionary Spending) का बड़ा हिस्सा अपने नाम करना चाहती है, जो ऑथेंटिक और हेरिटेज वाले कन्फेक्शनरी ऑप्शन्स की तलाश में हैं।
प्रोडक्ट की कीमत और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी
भारतीय बाजार के लिए, Mondelez ने Côte d'Or रेंज की कीमत अपने आम कैडबरी डेयरी मिल्क जैसे प्रोडक्ट्स से काफी ऊपर रखी है। डार्क चॉकलेट के ₹499 (100g) के वेरिएंट्स उपलब्ध होंगे, जबकि होल नट वेरिएंट्स ₹599 (180g) में मिलेंगे। इन प्रोडक्ट्स को खास तौर पर क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लॉन्च करने का फैसला शहरी, टेक-सेवी ग्राहकों पर फोकस दिखाता है, जो सुविधा और तेज डिलीवरी को प्राथमिकता देते हैं। यह मॉडल कंपनी को बिना बड़े रिटेल फुटप्रिंट के अपने टारगेट ग्राहकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचने में मदद करता है।
बदलते उपभोक्ता की पसंद
Mondelez India के मार्केटिंग वाइस प्रेसिडेंट, नितिन सैनी, ने कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं का टेस्ट बदल रहा है और वे ग्लोबल फ्लेवर वाले प्रोडक्ट्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। शहरी इलाकों में बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम ने इन हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ाई है, जिससे कंपनियों को बेहतर मार्जिन कमाने का मौका मिल रहा है। हालांकि, Mondelez के लिए चुनौती यह होगी कि डोमेस्टिक स्टार्टअप्स और अन्य इंटरनेशनल प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच इन प्रीमियम चॉकलेट्स की मांग कैसे बनाए रखी जाए।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि ये प्रीमियम प्रोडक्ट्स कितनी तेजी से मार्केट में अपनी जगह बनाते हैं और कंपनी के कुल रेवेन्यू में इनका कितना योगदान रहता है। हालांकि यह लॉन्च कंपनी के भारतीय कारोबार का एक छोटा सा हिस्सा है, लेकिन ऐसे प्रीमियम एफर्ट्स की सफलता से यह पता चलता है कि कंपनियां कच्चे माल की बढ़ती कीमतों, जैसे कि कोको की कीमतों में अस्थिरता, के बावजूद अपने मार्जिन को कितना बचा पाती हैं। भविष्य में इस ब्रांड को सामान्य रिटेल स्टोर्स में विस्तारित करने या प्रोडक्ट वैरायटी बढ़ाने की खबरें उपभोक्ता अपनाने के प्रमुख संकेत होंगी।
