Mondelez India ने तीसरी तिमाही में **20%** से ज्यादा रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है। कंपनी ने अपनी पहुंच को और मजबूत करते हुए **1.3 लाख** नए रिटेल आउटलेट्स को अपने नेटवर्क से जोड़ा है।
Cadbury और Oreo जैसे पॉपुलर ब्रांड्स बनाने वाली कंपनी Mondelez India ने साल 2026 की तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन उसका डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क रहा है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने अपने नेटवर्क में 1.3 लाख नए रिटेल आउटलेट्स जोड़े हैं, जिससे देश के दूर-दराज के इलाकों में भी इसकी पहुंच बढ़ गई है।
कॉस्ट और प्राइसिंग का संतुलन
महंगाई के इस दौर में Mondelez ने एक साहसी फैसला लिया है। लॉजिस्टिक्स, फ्यूल, डेयरी और पैकेजिंग मटेरियल की बढ़ती कीमतों का बोझ कंपनी खुद उठा रही है। फिलहाल ग्राहकों पर कीमतों का दबाव न डालकर, कंपनी का फोकस सेल्स वॉल्यूम बढ़ाने और मार्केट शेयर पर पकड़ मजबूत करने पर है। कंपनी का मानना है कि लंबे समय में वफादार ग्राहकों की संख्या बढ़ना शॉर्ट-टर्म मुनाफे में गिरावट से ज्यादा फायदेमंद होगा।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
हालांकि, यह रणनीति जोखिम से खाली नहीं है। FMCG सेक्टर में कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्रामीण इलाकों में मांग की अनिश्चितता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। खासकर चॉकलेट बनाने वाली कंपनियों के लिए ग्लोबल लेवल पर कोको (Cocoa) की कीमतों में तेजी एक बड़ी टेंशन है। अगर कच्चे माल की लागत इसी तरह बढ़ती रही या मांग में कमी आई, तो आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे क्या रहेगा अहम?
मार्केट एनालिस्ट्स अब यह देख रहे हैं कि क्या कंपनी बिना दाम बढ़ाए अपनी ग्रोथ रफ्तार को बरकरार रख पाएगी। कंपनी की सप्लाई चेन मैनेजमेंट और ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में स्थिरता आने वाले समय के लिए सबसे बड़े 'मॉनिटरेबल्स' होंगे। क्या कंपनी आगे चलकर कीमतें बढ़ाएगी या इसी रणनीति पर टिकी रहेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
