Modi Naturals अब अपने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर फूड एंड बेवरेज सेगमेंट पर दांव लगा रही है। कंपनी का लक्ष्य कंज्यूमर गुड्स बिजनेस से **₹500 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसके लिए वह एथेनॉल बिजनेस के कैश फ्लो का इस्तेमाल करेगी।
रणनीति में बदलाव (Strategic Pivot)
कंपनी अपने मशहूर ब्रांड Oleev की सफलता के बाद अब रेडी-टू-ईट और किचन स्टेपल्स की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। 50,000 रिटेल आउटलेट्स के नेटवर्क और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके कंपनी शहरी ग्राहकों तक अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है।
एथेनॉल का सहारा
कंपनी का बिजनेस मॉडल दो हिस्सों में बंटा है। एक तरफ एफएमसीजी (FMCG) का विस्तार है, तो दूसरी तरफ एथेनॉल का बिजनेस, जो कंपनी को जरूरी लिक्विडिटी और स्टैबिलिटी दे रहा है। रायपुर स्थित डिस्टिलरी की क्षमता को बढ़ाकर 282 KLPD किया गया है, जिससे लगातार रेवेन्यू मिलता रहे।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹80.4 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹2.9 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, ब्रांडेड रेवेन्यू में 4.4% की हल्की गिरावट देखी गई है। कंपनी के सामने फिलहाल ₹242 करोड़ से ₹250 करोड़ तक की आकस्मिक देनदारियां (contingent liabilities) भी हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
आगे की राह
अब सबकी नजरें 5 नवंबर, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर टिकी हैं, जहां कंपनी के वित्तीय नतीजों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी। Pipo ब्रांडेड पॉपकॉर्न और इंस्टेंट बेवरेज जैसे नए कैटेगरीज की सफलता ही तय करेगी कि कंपनी ₹500 करोड़ का आंकड़ा कितनी जल्दी छू पाती है।
