Milky Mist Dairy Food ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹6.5 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹64.7 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **43%** से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की गई है।
अगस्त 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद Milky Mist Dairy Food ने अपने पहले तिमाही नतीजों में दम दिखाया है। जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹64.68 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में महज ₹6.53 करोड़ था। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे ऑपरेशंस से मिलने वाले रेवेन्यू में 43.6% का उछाल है, जो ₹973.45 करोड़ तक पहुंच गया है।
सेगमेंट परफॉर्मेंस और डिमांड
कंपनी की ग्रोथ में इस बार लंबी चली गर्मी के सीजन का बड़ा हाथ रहा है। प्रीमियम डेयरी प्रोडक्ट्स, खासकर आइसक्रीम और योगर्ट (दही) की मांग में जोरदार तेजी दिखी है। कंपनी का सिग्नेचर प्रोडक्ट 'पनीर' भी छाया रहा, जिसमें 34% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई। मैनेजमेंट ने बताया कि उन्होंने अपने नेटवर्क में 200 नए डिस्ट्रीब्यूटर्स को जोड़ा है, जिससे कंपनी की पहुंच और मजबूत हुई है।
मार्जिन और बढ़ती लागत की चुनौती
बेहतर ऑपरेशनल कंट्रोल के चलते कंपनी का EBITDA 74.5% उछलकर ₹144.89 करोड़ हो गया है, और EBITDA मार्जिन 14.88% पर रहा। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। कच्चे दूध (Raw Milk) की खरीद महंगी होने के कारण मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले समय में कीमतों में कुछ बदलाव कर सकते हैं। निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि क्या कंपनी अपनी 'प्राइसिंग पावर' को बरकरार रख पाती है।
मार्केट की स्थिति और रेगुलेटरी रिस्क
भारतीय डेयरी सेक्टर का एक बड़ा हिस्सा अभी भी असंगठित है, जो Milky Mist के लिए बड़ा मौका है। कंपनी अब ऑर्गेनाइज्ड पनीर मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) द्वारा डेयरी प्रोडक्ट्स और नॉन-डेयरी विकल्पों पर सख्त होते नियम एक अहम मॉनिटरेबल फैक्टर है। आने वाले समय में कंपनी कितनी तेजी से अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाती है और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को कैसे संभालती है, यही इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को तय करेगा।
