Milky Mist ने स्टॉक एक्सचेंजों को एक फॉर्मल स्पष्टीकरण देते हुए पनीर की क्वालिटी को लेकर चल रही जांच की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कंपनी ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर सफाई दी है जिनमें दावा किया गया था कि पनीर उत्पादों पर रेगुलेटरी कार्रवाई की जा रही है।
बाजार में मची हलचल पर कंपनी की सफाई
Milky Mist Dairy Food Limited ने आधिकारिक तौर पर उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि पनीर की क्वालिटी को लेकर कंपनी पर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) द्वारा जांच की जा रही है। कंपनी ने 10 अक्टूबर, 2026 को National Stock Exchange और BSE को सूचित किया कि उन्हें किसी भी केंद्रीय या राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से न तो कोई नोटिस मिला है और न ही कोई औपचारिक आदेश।
कंपनी ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि बाजार में चल रही भ्रामक खबरों से निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर न पड़े। यह स्पष्टीकरण शेयरधारकों और उपभोक्ताओं के मन में बनी शंकाओं को दूर करने के लिए दिया गया है।
डेयरी सेक्टर पर रेगुलेटरी नजर
डेयरी इंडस्ट्री फिलहाल कड़ी निगरानी के दौर से गुजर रही है। रेगुलेटर्स का खास फोकस 'एनालॉग पनीर' (गैर-डेयरी सामग्री से बना उत्पाद) की क्वालिटी और लेबलिंग पर है। कई राज्य सरकारें पहले ही इस तरह के उत्पादों के खिलाफ सख्त नियम या अस्थायी बैन लगा चुकी हैं, जिससे निवेशक डेयरी कंपनियों से जुड़ी खबरों पर काफी संवेदनशील हो गए हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ और IPO के बाद की स्थिति
वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹973.45 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 43.6% की शानदार ग्रोथ है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹64.68 करोड़ दर्ज किया गया है।
हालांकि, निवेशक कंपनी की बैलेंस शीट पर भी नजर बनाए हुए हैं। हालिया IPO दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 3.61x है। भारी कर्ज के स्तर को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स सतर्क रहते हैं क्योंकि यह कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर दबाव डाल सकता है। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपने IPO से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कर्ज कम करने में कितनी तेजी से करती है।
