Milky Mist Dairy IPO: निवेशकों के लिए मौका! ₹1,553 करोड़ जुटाएगी कंपनी, ₹10,778 करोड़ होगा वैल्यूएशन

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Milky Mist Dairy IPO: निवेशकों के लिए मौका! ₹1,553 करोड़ जुटाएगी कंपनी, ₹10,778 करोड़ होगा वैल्यूएशन

डेयरी सेक्टर की कंपनी Milky Mist Dairy Food अपना ₹1,553 करोड़ का IPO लेकर आ रही है। यह IPO 11 अगस्त 2026 को खुलेगा, जिसमें कंपनी का वैल्यूएशन ₹10,778 करोड़ रहने का अनुमान है। निवेशकों को कंपनी के कर्ज और खास बाजारों पर निर्भरता पर भी ध्यान देना चाहिए।

IPO का पूरा विवरण

Milky Mist Dairy Food अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 11 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक निवेशकों के लिए खोलेगी। कंपनी पनीर, दही और चीज जैसे वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर फोकस करती है और इस IPO के जरिए ₹1,553 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹1,428 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹125 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। अपर प्राइस बैंड ₹140 के हिसाब से कंपनी का वैल्यूएशन लगभग ₹10,778 करोड़ होगा।

वित्तीय प्रदर्शन और ग्रोथ

कंपनी ने हाल के वर्षों में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर (FY) 25 में ₹2,354.79 करोड़ का रेवेन्यू बढ़कर FY26 में ₹3,145.01 करोड़ हो गया। प्रॉफिटेबिलिटी में भी सुधार हुआ है, FY26 में कंपनी ने ₹127.01 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹46.07 करोड़ से काफी ज्यादा है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण कंपनी का लिक्विड मिल्क जैसे कमोडिटी प्रोडक्ट से हटकर पनीर, दही, मक्खन और घी जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करना है। SmartChef और Capella जैसे प्रोडक्ट लाइन्स के साथ, कंपनी ने खासकर दक्षिण भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

फंड का इस्तेमाल और विस्तार

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी वित्तीय संरचना को मजबूत करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में करेगी। इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे कंपनी के बैलेंस शीट पर कर्ज का बोझ कम होगा। इसके अलावा, कंपनी अपने पेरुनदुराई स्थित मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए भी फंड आवंटित करेगी। इन निवेशों का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स पर कंपनी के फोकस को बनाए रखना है, जो डेयरी प्रोडक्ट्स की क्वालिटी के लिए बेहद जरूरी है।

जोखिम और निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

कंपनी की ग्रोथ तो अच्छी दिख रही है, लेकिन निवेशकों को कुछ बातों पर गौर करना चाहिए। सबसे अहम है कंपनी का रीजनल कॉन्सेंट्रेशन। कंपनी का ज्यादातर रेवेन्यू और कच्चा दूध दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु से आता है, जिससे यह स्थानीय बाजार के उतार-चढ़ाव और सप्लाई के जोखिमों के प्रति संवेदनशील हो जाती है। इसके अलावा, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो लगभग 3.61 है, जो काफी ज्यादा है। इसलिए, कर्ज में कमी लाना निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।

उत्पादन का बहुत सारा हिस्सा पेरुनदुराई प्लांट में केंद्रित है, इसलिए वहां किसी भी तरह की रुकावट सप्लाई को प्रभावित कर सकती है। डेयरी इंडस्ट्री में मार्जिन कम होता है और कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। कड़े फूड सेफ्टी नियमों के चलते दूध की क्वालिटी और उपलब्धता बनाए रखना भी बिजनेस के लिए क्रिटिकल है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इन जोखिमों को कैसे मैनेज करती है और IPO के बाद क्या वह अपने मुख्य बाजारों से आगे बढ़कर अपनी पहुंच बढ़ा पाती है। कंपनी के शेयर 18 अगस्त 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.