Microsoft ने दुनिया भर में अपने Xbox कंसोल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी 512GB और 1TB मॉडल पर लागू होगी, जबकि 2TB मॉडल का प्रोडक्शन बंद कर दिया जाएगा। कंपनी ने मेमोरी और स्टोरेज कंपोनेंट की बढ़ती लागत को इस फैसले का मुख्य कारण बताया है।
कंपोनेंट की बढ़ती लागत का असर
Microsoft ने 1 अगस्त 2026 से Xbox गेमिंग हार्डवेयर के लिए अपनी ग्लोबल प्राइसिंग स्ट्रैटेजी में बदलाव किया है। यह प्राइस एडजस्टमेंट 512GB और 1TB स्टोरेज वाले वैरिएंट्स पर लागू होंगे। वहीं, कंपनी ने 2TB कंसोल मॉडल का प्रोडक्शन बंद करने का फैसला किया है। यह कदम गेमिंग डिवीजन के लिए कीमतों में बढ़ोतरी का एक और दौर है, जो 2025 के अंत में हुई पिछली बढ़ोतरी के बाद आया है।
कंपनी के मुताबिक, कंसोल बनाने के लिए ज़रूरी मेमोरी और स्टोरेज कंपोनेंट्स की कीमत हाल के दिनों में 2.5 गुना से ज़्यादा बढ़ गई है। अनुमान है कि 2027 तक इन लागतों पर और भी दबाव देखने को मिल सकता है। यह स्थिति कंसोल निर्माताओं के लिए खास तौर पर मुश्किल है, क्योंकि स्मार्टफोन या लैपटॉप जैसे दूसरे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के विपरीत, गेमिंग कंसोल अक्सर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कम मार्जिन पर या कभी-कभी नुकसान पर भी बेचे जाते हैं।
कंज्यूमर के लिए नए अफोर्डेबिलिटी प्रोग्राम
बढ़ती रिटेल कीमतों के असर को कम करने के लिए, Microsoft अपने यूज़र्स के लिए एक्सेसिबिलिटी बनाए रखने के मकसद से कई नए इनिशिएटिव्स लॉन्च कर रहा है। कंपनी Microsoft Store पर 'Buy Now, Pay Later' (अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें) सर्विस का विस्तार कर रही है, जिसमें अब इंटरेस्ट-फ्री इंस्टॉलमेंट प्लान भी शामिल होंगे। इसके अलावा, फाइनेंसिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर योग्य खरीदारों को हार्डवेयर पर 12 महीने तक 0% APR फाइनेंसिंग का एक्सेस मिलेगा।
Microsoft एक 'Previously Played Consoles' (पहले इस्तेमाल किए गए कंसोल) प्रोग्राम भी शुरू कर रहा है, जिसमें यूज़र्स अपने पुराने डिवाइस को ट्रेड-इन करके क्रेडिट या कैश पा सकते हैं। इन रिफर्बिश्ड यूनिट्स को अधिकृत रिटेल पार्टनर्स के ज़रिए कम कीमतों पर बेचा जाएगा, जिससे मौजूदा गेमिंग जनरेशन में प्रवेश ज़्यादा किफायती हो सकेगा। बजट को ध्यान में रखने वाले कंज्यूमर्स के लिए Xbox Series S कंपनी का मुख्य फोकस बना रहेगा।
मार्केट एक्सपर्ट्स इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि इन प्राइस चेंजेस का आने वाली तिमाहियों में हार्डवेयर यूनिट सेल्स पर क्या असर पड़ता है। गेमिंग डिवीज़न की सफलता सिर्फ हार्डवेयर अडॉप्शन पर ही नहीं, बल्कि Call of Duty, Halo, और Gears of War जैसी नई गेम्स के साथ यूज़र एंगेजमेंट पर भी निर्भर करती है। यह देखना अहम होगा कि क्या कीमतों में बढ़ोतरी नए यूज़र्स को जोड़ने की दर को प्रभावित करती है, या फिर नए फाइनेंसिंग प्रोग्राम डिमांड को बनाए रखने में सफल होते हैं।
