भारत में 'Michelin Key' रेटिंग पाने वाले होटल्स की संख्या बढ़कर **47** हो गई है, जो पिछले साल के मुकाबले **30%** की बढ़त है। यह ग्लोबल पहचान IHCL और EIH जैसे लग्जरी होटल चेन्स को प्रीमियम रेट्स बनाए रखने में मदद करेगी।
लग्जरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए बड़ी जीत
Michelin Guide ने भारतीय बाजार में अपनी पहुंच को और मजबूत किया है। साल 2026 के लिए अब भारत के 47 होटल्स के पास प्रतिष्ठित 'Michelin Key' का दर्जा है, जो पिछले साल के 36 होटल्स के आंकड़े से 30% अधिक है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि भारत के लग्जरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए ग्लोबल क्वालिटी बेंचमार्क कितने जरूरी होते जा रहे हैं।
लिस्टेड कंपनियों पर इसका असर
Indian Hotels Company Limited (IHCL) - जो ताज ब्रांड चलाती है, और EIH Limited - जो ओबेरॉय चेन की मालिक है, जैसी कंपनियों के लिए ये रैंकिंग्स बेहद अहम हैं। ये मान्यताएं एक 'क्वालिटी सील' की तरह काम करती हैं, जिससे ये कंपनियां अपने कॉम्पिटिटर्स के मुकाबले ज्यादा रूम रेंट वसूल सकती हैं। 'ताज फलकनुमा पैलेस' और 'ताज लेक पैलेस' जैसे होटल्स को 'थ्री-की' स्टेटस मिलने से विदेशी टूरिस्ट्स को आकर्षित करने की ताकत बढ़ गई है।
ऑपरेशंस और चुनौतियां
अब तक Michelin Guide में कुल 112 भारतीय होटल्स शामिल हैं, लेकिन सिर्फ 47 ही 'की' (Key) स्टेटस पा सके हैं। इसका चयन एक बहुत ही सख्त प्रक्रिया के जरिए होता है, जिसमें सर्विस की क्वालिटी, आर्किटेक्चर और लोकल कम्युनिटी के साथ जुड़ाव देखा जाता है। हालांकि, इन मानकों को बनाए रखने के लिए स्टाफ ट्रेनिंग और फैसिलिटी के रख-रखाव में बड़ा निवेश करना पड़ता है, जो कंपनी के ऑपरेटिंग कॉस्ट पर दबाव भी डाल सकता है।
रेस्टोरेंट रेटिंग्स का अभी भी इंतजार
होटल रेटिंग्स में बढ़ोतरी के बावजूद, भारतीय कुलीनरी (Culinary) सीन को अभी भी Michelin की तरफ से वैसी मान्यता नहीं मिली है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारत में रेस्टोरेंट रेटिंग्स शुरू होती हैं, तो यह टूरिज्म सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। निवेशक अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि कैसे ये कंपनियां इन रैंकिंग्स का इस्तेमाल अपने Revenue Per Available Room को बढ़ाने के लिए करती हैं।
