Metro Brands के निवेशकों के लिए पिछला एक साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू **14.7%** बढ़कर **₹720 करोड़** रहा, लेकिन मार्जिन पर दबाव के चलते शेयर में करीब **25%** की गिरावट आई है।
मार्जिन में क्यों आई गिरावट?
जून तिमाही (Q1 FY27) के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹720 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 14.7% का उछाल है। हालांकि, ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी संघर्ष करती दिखी। कंपनी का EBITDA मार्जिन 110 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 29.8% पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह बढ़ते एम्प्लॉई कॉस्ट और अन्य ओवरहेड खर्च हैं, जिसने मुनाफे पर असर डाला है।
स्टोर विस्तार की रफ्तार हुई धीमी
Metro Brands ने 1,041 स्टोर्स के साथ 1,000 स्टोर्स का अहम माइलस्टोन पार कर लिया है, जो 222 शहरों में फैले हुए हैं। हालांकि, हालिया तिमाही में विस्तार की रफ्तार में कमी आई है। मार्च तिमाही में 42 नए स्टोर्स जोड़े गए थे, जबकि इस बार केवल 9 नेट स्टोर का ही इजाफा हुआ है, जिस पर एनालिस्ट्स की पैनी नजर है।
नई उम्मीदें: ब्रांड पार्टनरशिप्स
कंपनी अपनी ग्रोथ के लिए अब Foot Locker, Fila और Clarks जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप पर दांव लगा रही है। Metro, Mochi और Walkway जैसे अपने ट्रेडिशनल पोर्टफोलियो के अलावा कंपनी इन नए ब्रांड्स के जरिए बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
वैल्यूएशन और भविष्य की राह
फिलहाल शेयर ₹943 से ₹953 के दायरे में ट्रेड कर रहा है। कंपनी का हाई P/E वैल्यूएशन निवेशकों को सतर्क कर रहा है। 11 सितंबर 2026 को कंपनी ने ESOP 2008 प्लान के तहत 18,772 इक्विटी शेयर्स अलॉटमेंट की जानकारी दी थी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी अपने मार्जिन को स्थिर कर पाएगी और स्टोर ओपनिंग की रफ्तार को फिर से तेज कर पाएगी।
