Metro Brands के ग्रोथ के मुख्य कारण
Motilal Oswal का मानना है कि Metro Brands (MBL) का रेवेन्यू लॉन्ग-टर्म में 15-18% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है। इस उम्मीद की वजह हैं: रिप्लेसमेंट डिमांड, किराये के बढ़ते खर्च में नरमी के कारण तेज स्टोर ओपनिंग, और Clarks व FILA जैसे पार्टनर ब्रांड्स का शानदार प्रदर्शन। कंपनी अपने Walkway वैल्यू फॉर्मेट का भी विस्तार कर रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि हर साल 5-7% की सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) और लगभग 10% की फुटप्रिंट एक्सपेंशन से यह ग्रोथ हासिल होगी।
एनालिस्ट का सपोर्ट और वैल्यूएशन
Motilal Oswal ने 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,215 सेट किया है। यह टारगेट Mar’28 EV/EBITDA मल्टीपल पर आधारित है, जो 65x FY28E EPS का संकेत देता है। फिलहाल, शेयर 55x FY27 P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके लॉन्ग-टर्म एवरेज से एक स्टैंडर्ड डेविएशन नीचे है। कंपनी ने हालिया नतीजों में Q3 FY26 में 15% रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA मार्जिन में सुधार दिखाया है।
पीयर्स की तुलना में वैल्यूएशन प्रीमियम
इसके बावजूद, Metro Brands का वैल्यूएशन अपने डोमेस्टिक कॉम्पिटिटर्स जैसे Bata India (लगभग 45x से 72x P/E) और Relaxo Footwears (लगभग 35x से 62x P/E) की तुलना में काफी ज्यादा है। अप्रैल 2026 की शुरुआत में, इसका Trailing Twelve Months (TTM) P/E रेश्यो 63.85x से 70.14x के बीच था। यह प्रीमियम बताता है कि निवेशक Metro Brands से इसके प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कहीं ज्यादा तेज ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। आपको बता दें कि सितंबर 2025 से शेयर में 25% से ज्यादा की गिरावट भी आई है। HDFC Securities जैसे कुछ विश्लेषकों ने जोखिम-इनाम प्रोफाइल में सुधार को देखते हुए रेटिंग बढ़ाई है, हालांकि पिछले एक साल में शेयर ने -11.89% का निगेटिव रिटर्न दिया है।
अनुकूल बाजार माहौल
भारतीय फुटवियर मार्केट का साइज लगभग USD 18 बिलियन है और 2032 तक 9.54% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। बढ़ती आय, शहरीकरण, फैशन के प्रति जागरूकता और ई-कॉमर्स के विस्तार से इसे बढ़ावा मिल रहा है। सरकार द्वारा ₹2,500 से कम कीमत वाले फुटवियर पर टैक्स कटौती से भी डिमांड बढ़ी है, जो सेक्टर के लिए एक अनुकूल माहौल बना रहा है।
प्रॉफिटेबिलिटी की चिंताएं और मंदी का नजरिया
MarketsMOJO ने 31 मार्च, 2026 को 'बहुत महंगे वैल्यूएशन' का हवाला देते हुए 'Sell' रेटिंग दी। कंपनी का Enterprise Value to Capital Employed (EV/CE) रेश्यो 10.2 है, जो काफी ज्यादा माना जाता है। Metro Brands की प्रॉफिटेबिलिटी में भी मिले-जुले संकेत दिखे हैं। FY25 में नेट प्रॉफिट 14.7% गिरा, और पिछले साल प्रॉफिट 5.3% कम हुआ। यह तेज कंपटीशन और बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च के बीच मार्जिन की स्थिरता को लेकर चिंता पैदा करता है। कंपनी का प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस इसे आर्थिक मंदी या कंज्यूमर खर्च में बदलाव के दौरान अधिक कमजोर बना सकता है।
मिली-जुली निवेश राय
कुल मिलाकर, विश्लेषकों का रुख ज्यादातर पॉजिटिव है, जिनका औसत 1-साल का प्राइस टारगेट लगभग ₹1,239 है। अनुमान है कि EPS ग्रोथ सालाना 17.6% और रेवेन्यू ग्रोथ 14.3% रहेगी। Metro Brands खुद 15-18% रेवेन्यू CAGR का अनुमान लगा रही है। हालांकि, MarketsMOJO की 'Sell' रेटिंग और स्टॉक का प्रीमियम वैल्यूएशन एक जटिल निवेश तस्वीर पेश करता है।