Meesho के शेयरों में पिछले दो सत्रों में **10%** का शानदार उछाल आया है। कंपनी के कंटेंट कॉमर्स वॉल्यूम में **152%** की भारी बढ़ोतरी निवेशकों का भरोसा जीत रही है, हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स अभी भी कंपनी के सामने मौजूद जोखिमों पर नजर बनाए हुए हैं।
बाजार में Meesho की दौड़
Meesho Limited के शेयरों ने पिछले दो ट्रेडिंग सेशंस में लगभग 10% की बढ़त दर्ज की है और स्टॉक ₹238 से ₹240 के स्तर पर पहुंच गया है। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी का लेटेस्ट अपडेट है, जिसमें बताया गया है कि अक्टूबर 2026 तक उनके 'कंटेंट कॉमर्स' का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) सालाना आधार पर 152% बढ़ गया है। यह मॉडल पारंपरिक सर्च-आधारित ई-कॉमर्स से हटकर सीधे सोशल प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिक्री पर जोर देता है।
नॉन-मेट्रो शहरों से मिल रहा ग्रोथ का फ्यूल
कंपनी की स्ट्रैटेजी भारत के छोटे शहरों पर केंद्रित है। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के 160,000 एक्टिव क्रिएटर्स में से 81% छोटे शहरों से हैं। ये क्रिएटर्स टियर-3 और टियर-4 शहरों में ग्राहकों को खरीदारी करने में मदद करते हैं और अब कुल कंटेंट कॉमर्स ऑर्डर्स का 66% हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों से आ रहा है।
ब्रोकरेज और मार्केट रिस्क
ब्रोकरेज हाउसेज की राय इस पर बंटी हुई है। जहां Jefferies ने मुनाफे में ग्रोथ और MSCI इंडेक्स में शामिल होने की संभावना के चलते पॉजिटिव रुख रखा है, वहीं Nomura ने 'Reduce' रेटिंग दी है, क्योंकि उन्हें प्रॉफिटेबिलिटी और वैल्यूएशन को लेकर चिंता है।
निवेशकों को कंपनी के कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) मॉडल पर भारी निर्भरता के चलते रिटर्न और कैश फ्लो मैनेजमेंट जैसे जोखिमों का भी ध्यान रखना होगा। इसके अलावा, FDI नियमों में अनिश्चितता, डेटा सुरक्षा नियम और बाजार में तगड़ा कॉम्पिटिशन कंपनी के लिए आगे चलकर बड़ी चुनौतियां साबित हो सकते हैं।
