Marri Retail द्वारा IPO के लिए प्रारंभिक दस्तावेज़ दाखिल करना, भारत के विशाल और बढ़ते संगठित रिटेल बाज़ार, खासकर परिधान (apparel) और आभूषण (jewellery) सेगमेंट में अपनी स्थिति मज़बूत करने की एक बड़ी रणनीति का संकेत है। कंपनी का लक्ष्य इस IPO के ज़रिए ₹522 करोड़ जुटाना है, जिसका उपयोग नए स्टोर खोलने, मौजूदा कर्ज को कम करने और परिचालन को और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
यह कदम भारतीय रिटेल सेक्टर में जारी तेज़ी के बीच आया है। अनुमान है कि भारतीय परिधान बाज़ार 2030 तक लगभग ₹16 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा, जहाँ संगठित रिटेल और ई-कॉमर्स की वृद्धि दर सबसे तेज़ है। इसी तरह, ₹6 लाख करोड़ से अधिक मूल्य का आभूषण बाज़ार भी तेजी से संगठित स्वरूप अपना रहा है, जिससे Marri Retail जैसी कंपनियों के लिए विकास के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।
दोहरे मोर्चे पर विस्तार की योजना
Marri Retail अपनी रणनीति के तहत परिधान और आभूषण, दोनों क्षेत्रों में आक्रामक विस्तार करेगी। कंपनी 10 नए परिधान स्टोर, एक एकीकृत परिधान और आभूषण 'स्टोर-इन-स्टोर' (SIS) कॉन्सेप्ट, और 2 नए ज्वेलरी स्टोर खोलने की तैयारी में है। इस विस्तार के लिए करीब ₹250.5 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
सितंबर 2025 तक बीते छह महीनों में, कंपनी के राजस्व में परिधान सेगमेंट का योगदान 54% रहा, जबकि आभूषणों ने 45% से अधिक हिस्सेदारी निभाई।
वित्तीय प्रदर्शन और कामकाज
सितंबर 2025 को समाप्त हुई छमाही में Marri Retail का राजस्व ₹1,301.4 करोड़ रहा, जबकि शुद्ध लाभ (Net Profit) ₹84.2 करोड़ दर्ज किया गया।
मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी का राजस्व 10.8% बढ़कर ₹2,456.3 करोड़ तक पहुँच गया था। हालांकि, इसी अवधि में शुद्ध लाभ पिछले साल के ₹115.2 करोड़ से 14.1% घटकर ₹99 करोड़ रह गया।
दिसंबर 2025 तक कंपनी पर कुल ₹310.7 करोड़ का बकाया कर्ज था।
कंपनी के ऋण-इक्विटी अनुपात (Debt-to-Equity Ratio) में सुधार देखा गया है, जो FY2023 में 2.08x था और सितंबर 2025 तक घटकर 1.08x हो गया।
ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ है, जो FY2024 में 9.41% पर पहुँच गया, जबकि FY2023 में यह 7.84% था। यह बेहतर स्टोर प्रबंधन और प्रचार खर्चों में कमी का नतीजा है।
कंपनी अपनी इन्वेंटरी और वेंडर प्रबंधन (inventory and vendor management) प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल कर रही है।
प्रतिस्पर्धी बाज़ार और भविष्य की राह
रिटेल सेक्टर में मुकाबला कड़ा है, जहाँ Marri Retail को RS Brothers, Chandana, और Kalamandir जैसे क्षेत्रीय दिग्गजों के अलावा, Style Baazar, Westside, और Lifestyle Stores जैसी राष्ट्रीय शृंखलाओं से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। आभूषण बाज़ार में Tanishq और Kalyan Jewellers जैसे बड़े ब्रांडों का दबदबा है, और नए खिलाड़ी भी तेज़ी से बाज़ार में उतर रहे हैं।
भारतीय IPO बाज़ार 2025 में काफी सक्रिय रहा, लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयरों का प्रदर्शन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
बढ़ती आय और डिजिटलीकरण के चलते परिधान और आभूषण दोनों में संगठित रिटेल की वृद्धि तय है। वहीं, वैल्यू फैशन (value fashion) और ई-कॉमर्स बाज़ार के रुझानों को तेज़ी से बदल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में आई तेज़ी ने आभूषण बाज़ार को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।
IPO फंड का इस्तेमाल और भविष्य की उम्मीदें
IPO से प्राप्त ₹522 करोड़ का आवंटन इस प्रकार किया जाएगा: ₹115.6 करोड़ कर्ज चुकाने के लिए, ₹250.5 करोड़ नए स्टोर खोलने के लिए, ₹35.8 करोड़ किराए के भुगतान के लिए, और शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों (general corporate purposes) के लिए होगा।
यह पूंजी निवेश Marri Retail को अपनी विस्तार योजनाओं को पंख देने, आभूषण बाज़ार के औपचारिकता (formalization) के चलन से लाभ उठाने और संगठित परिधान रिटेल की अनुमानित वृद्धि का फायदा उठाने में मदद करेगा।
कंपनी की स्थापित क्षेत्रीय उपस्थिति और मल्टी-ब्रांड रणनीति (multi-brand strategy) से उम्मीद है कि यह बढ़ती उपभोक्ता मांग और ब्रांडेड रिटेल अनुभवों की ओर झुकाव का लाभ उठा सकेगी। इस IPO का प्रदर्शन भारतीय रिटेल क्षेत्र में निवेशकों की रुचि को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना होगा।