रेवेन्यू चमका, पर मुनाफे पर लगा ग्रहण?
इस रेवेन्यू और वॉल्यूम ग्रोथ की चमक के पीछे, कंपनी के मटेरियल कॉस्ट (Material Cost) में आई भारी बढ़त छिपी है। FY26 में मटेरियल कंज्यूम (Material Consumed) करने का खर्च ₹4,572 करोड़ से बढ़कर ₹6,197 करोड़ हो गया। इसमें कोपरा (Copra) की कीमतों में आई बेतहाशा बढ़त का बड़ा हाथ रहा।
इस लागत के बढ़ जाने से EBITDA मार्जिन (EBITDA Margins) पिछले फाइनेंशियल ईयर के 19.7% से घटकर 17.1% पर आ गए। भले ही कंपनी ने एडवरटाइजिंग और प्रमोशन पर 15% ज्यादा, यानी ₹1,300 करोड़ खर्च किए हों।
कैटेगरी का हाल और स्ट्रैटेजी
सेगमेंट की बात करें तो, Parachute कोकोनट ऑयल की वॉल्यूम ग्रोथ कोपरा की ऊंची कीमतों के चलते थोड़ी धीमी रही। लेकिन, Marico ने 10% तक की चुनिंदा प्राइस कट (Price Cut) भी लागू की हैं। दूसरी ओर, वैल्यू-एडेड हेयर ऑयल (VAHO) ने 20% से ज्यादा की वॉल्यूम ग्रोथ के साथ कंपनी को मजबूती दी।
इसके अलावा, फूड्स पोर्टफोलियो ने ₹1,000 करोड़ का सालाना रेवेन्यू पार कर लिया है, जिसमें Saffola एडिबल ऑयल की ग्रोथ स्थिर बनी हुई है।
कंपनी अब कमोडिटी से जुड़े बिजनेस से हटकर डिजिटल-फर्स्ट वेलनेस ब्रांड्स पर ज्यादा फोकस कर रही है। Cosmix, 4700BC, Plix, और True Elements जैसे ब्रांड्स में हिस्सेदारी बढ़ाने या नई एक्विजिशन (Acquisition) इसी रणनीति का हिस्सा हैं। आज की तारीख में, ये 'legacy categories' पोर्टफोलियो का 63% हिस्सा हैं, जो FY20 में 73% था। कंपनी का लक्ष्य FY30 तक इसे 50% तक लाना है।
आगे की राह और मार्जिन रिकवरी?
आगे चलकर, Marico को उम्मीद है कि अगले क्वार्टर से वॉल्यूम ग्रोथ में और तेजी आएगी, क्योंकि कंज्यूमर प्राइस (Consumer Price) कम हो रहे हैं और ब्रांड पर भरोसा मजबूत है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में कोपरा की कीमतों के नरम पड़ने, ऑपरेटिंग लीवरेज (Operating Leverage) और कॉस्ट डिसिप्लिन (Cost Discipline) के चलते मार्जिन में करीब 150 बेसिस पॉइंट (150 bps) का सुधार देखने को मिल सकता है।
AI और सप्लाई चेन में किए जा रहे इनवेस्टमेंट से एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी FY27 में ₹15,000 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू और FY30 तक ₹20,000 करोड़ का आंकड़ा पार करने को लेकर आश्वस्त है।
इसके साथ ही, बोर्ड ने ₹4 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है।
