रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा Marico का शेयर!
गुरुवार को Marico का शेयर ₹799.8 के करीब एक अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंच गया। यह प्रदर्शन बाज़ार से कहीं ज़्यादा बेहतर है। अकेले फरवरी महीने में ही शेयर में करीब 10% का उछाल आया है, जो Nifty FMCG के 3.5% और Nifty50 के 3% के बढ़त से काफी आगे है। कंपनी के Q3 FY26 के नतीजों ने इस तेजी को और हवा दी है।
Q3 में दमदार प्रदर्शन, रेवेन्यू में 27% का उछाल
कंपनी के नतीजों के मुताबिक, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹3,527 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 27% ज़्यादा है। इस शानदार ग्रोथ का बड़ा श्रेय कंपनी के भारतीय बिज़नेस को जाता है, जहाँ रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹2,461 करोड़ हो गया। यह लगातार तीसरी तिमाही है जब भारतीय बिज़नेस ने 20% से ज़्यादा की ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी ने अपने पैराशूट हेयर ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स की कीमतों में 51% तक की बढ़ोतरी की, जिसने टॉप-लाइन को बढ़ाने में मदद की। वहीं, वॉल्यूम ग्रोथ भी अच्छी रही, जो 8% के हाई-सिंगल डिजिट में दर्ज हुई।
प्रीमियम सेगमेंट और डाइवर्सिफिकेशन की ताकत
कंपनी का मैनेजमेंट लगातार वॉल्यूम-आधारित और सस्टेनेबल ग्रोथ पर ज़ोर दे रहा है। वैल्यू-एडेड हेयर ऑयल (VAHO) सेगमेंट, जो एक प्रीमियम कैटेगरी है, में लगभग 20% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई। यह दर्शाता है कि कंपनी सफलतापूर्वक ज़्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रही है। HSBC जैसे एनालिस्ट्स का मानना है कि यह रणनीति कंपनी को प्रीमियम वैल्यूएशन दिला सकती है। Marico के डाइवर्सिफिकेशन के प्रयास भी रंग ला रहे हैं। फूड्स और डिजिटल-फर्स्ट (D2C) बिज़नेस, जो अब कुल बिक्री का 22% हिस्सा हैं, कंपनी के लिए महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन साबित हो रहे हैं। हाल ही में 4700BC जैसे स्नैकिंग ब्रांड और कॉस्मिक्स जैसे न्यूट्रिशन प्लेटफॉर्म के अधिग्रहण ने Marico के हाई-मार्जिन सेगमेंट में हिस्सेदारी बढ़ाने के इरादे को मज़बूत किया है। इंटरनेशनल बिज़नेस, जो FY25 रेवेन्यू का 25% है, ने भी अच्छी परफॉरमेंस दिखाई है।
एनालिस्ट्स की राय: 'Buy' रेटिंग और ₹900 का टारगेट
Marico फिलहाल 57-60x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो Dabur India (49-50x) और Bajaj Consumer Care (28-31x) जैसे अपने साथियों से ज़्यादा है। Nifty FMCG इंडेक्स में पिछले एक महीने से फ्लैट परफॉरमेंस दिख रही है, जबकि Marico का आउटपरफॉरमेंस और भी ज़्यादा प्रमुख हो जाता है। HSBC ने 'Buy' रेटिंग और ₹900 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, जो कंपनी की मज़बूत कोर कैटेगरी और ऑपरेटिंग लीवरेज में सुधार को दर्शाता है। इसी तरह, Jefferies ने भी ₹900 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, और डाइवर्सिफिकेशन की मज़बूती पर ज़ोर दिया है। कंपनी का बीटा कोफिशिएंट 0.49 है, जो इसकी ऐतिहासिक मज़बूती और बाज़ार के मुकाबले कम वोलैटिलिटी को दिखाता है। मैनेजमेंट का मध्यम अवधि में मिड-टीन्स EBITDA ग्रोथ और 150-200 बेसिस पॉइंट मार्जिन विस्तार का लक्ष्य, इनपुट कॉस्ट में नरमी के सपोर्ट से, इस सकारात्मक आउटलुक को मज़बूत करता है।
⚠️ चिंता का सबब: कॉपरा साइकल का खतरा
बाज़ार की तेज़ी और नतीजों के बावजूद, BNP Paribas जैसे एनालिस्ट्स एक बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने 'Neutral' रेटिंग और ₹835 का टारगेट प्राइस दिया है। इसकी मुख्य वजह Marico का कॉपरा (सूखे नारियल) के डाउनसाइकिल में प्रवेश करना है। ऐतिहासिक रूप से, इन साइकल्स में प्राइस डिफ्लेशन (कीमतों में गिरावट) और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण Marico की ग्रोथ और मार्केट शेयर पर दबाव पड़ता है। नारियल तेल डेरिवेटिव्स पर कंपनी की निर्भरता इसे इन साइकल्स के प्रति ज़्यादा संवेदनशील बनाती है। भले ही Marico ने प्रीमियमाइजेशन और डाइवर्सिफिकेशन में फुर्ती दिखाई हो, लेकिन उसके पारंपरिक तेल बिज़नेस के बड़े पैमाने को देखते हुए कमोडिटी कीमतों की वोलैटिलिटी एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। इसके अलावा, Saffola एडिबल ऑयल बिज़नेस में वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखने में विफलता और इंटरनेशनल मार्केट्स में संभावित भू-राजनीतिक या प्रतिस्पर्धी दबाव भी डाउनसाइड रिस्क पैदा कर सकते हैं। मौजूदा हाई P/E मल्टीपल से पता चलता है कि बाज़ार की उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं, और यदि कंपनी के एग्जीक्यूशन में कोई गड़बड़ी होती है या कमोडिटी की कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ती हैं, तो शेयर में तेज़ गिरावट आ सकती है।
भविष्य की राह: डाइवर्सिफिकेशन और ग्रोथ का लक्ष्य
Marico का मैनेजमेंट नए अधिग्रहीत बिज़नेस और D2C वेंचर्स को स्केल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे उम्मीद है कि FY30 तक इनका रेवेन्यू में बड़ा हिस्सा होगा। HSBC का अनुमान है कि इन डिजिटल-फर्स्ट प्रीमियम पर्सनल केयर सेगमेंट के EBITDA मार्जिन FY27 तक डबल डिजिट में पहुंच जाएंगे और और भी बढ़ेंगे। जबकि कोर ऑयल बिज़नेस स्थिरता प्रदान करता है, निरंतर ग्रोथ मोमेंटम इसके नए, हाई-मार्जिन वेंचर्स के सफल एकीकरण और विस्तार पर निर्भर करेगा। कंपनी का लक्ष्य नवाचार और ब्रांड बिल्डिंग के ज़रिए 2030 तक ₹20,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है। एनालिस्ट्स का आम तौर पर नज़रिया सकारात्मक है, औसत टारगेट प्राइस ₹850-₹867 के आसपास है, जो कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रेटेजी में विश्वास को दर्शाता है, बशर्ते वह नज़दीकी अवधि के कमोडिटी साइकल के हेडविंड्स को सफलतापूर्वक पार कर ले।