FMCG कंपनी Marico ने साल 2027 तक ₹15,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य कंपनी के पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत प्रदर्शन के बाद आया है, जिसमें रेवेन्यू में **23%** की शानदार बढ़ोतरी देखी गई और यह **₹3,957 करोड़** पर पहुंच गया। कंपनी का डोमेस्टिक वॉल्यूम ग्रोथ **11%** के रिकॉर्ड स्तर पर है, जिससे वह प्रीमियम ब्रांड्स और डिजिटल सेगमेंट पर फोकस बढ़ा रही है।
Marico की ₹15,000 करोड़ के रेवेन्यू की राह
Marico Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक ₹15,000 करोड़ का रेवेन्यू छूने की स्पष्ट योजना बनाई है। यह लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी के शानदार नतीजों के बाद आया है, जिसमें कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 23% बढ़कर ₹3,957 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह शानदार परफॉर्मेंस मांग में आई जबरदस्त तेजी के कारण संभव हुआ है। डोमेस्टिक वॉल्यूम ग्रोथ 11% तक पहुंच गई, जो पिछले 20 तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस ग्रोथ को कंपनी के प्रीमियम कैटेगरी और डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स में विस्तार से बल मिला है, जो अब कंपनी के कुल बिजनेस का एक बड़ा हिस्सा बन रहे हैं। पिछली तिमाही में नेट प्रॉफिट 25% बढ़कर ₹630 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 40 बेसिस पॉइंट बढ़कर 20.7% हो गया। यह टॉप-लाइन ग्रोथ और लागत प्रबंधन के बीच एक सफल संतुलन को दर्शाता है।
प्रीमियम और डिजिटल पर खास फोकस
₹15,000 करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचने की रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है: प्रीमियमाइजेशन, डाइवर्सिफिकेशन और डिजिटल-फर्स्ट ग्रोथ। Marico फूड कैटेगरी में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है और अपने डिजिटल ब्रांड्स को स्केल कर रही है, जिनसे भविष्य में अच्छी प्रॉफिटेबिलिटी की उम्मीद है। हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की ओर बढ़कर, कंपनी पारंपरिक कैटेगरी पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है और शहरी खपत का बड़ा हिस्सा अपने नाम करना चाहती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी, कंपनी वियतनाम और पश्चिम एशिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के लिए एक पार्टनरशिप मॉडल का उपयोग कर रही है।
कमोडिटी की कीमतें और बाजार का रुख
सकारात्मक वित्तीय नतीजों के बावजूद, कंपनी को कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। मैनेजमेंट ने बताया है कि हेयर ऑयल और खाद्य उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है ताकि लागत को मैनेज किया जा सके, लेकिन कच्चे तेल और खाद्य तेल की कीमतों का भविष्य में प्रभाव एक महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु बना रहेगा। इनपुट लागतों में वृद्धि से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है, खासकर अगर कंपनी उपभोक्ताओं पर बिना मांग को प्रभावित किए इन खर्चों को आगे बढ़ाने में असमर्थ रहती है।
निवेशक ग्रामीण उपभोग की स्थिति पर भी नजर रख रहे हैं। हालांकि हाल के रुझान स्थिर रहे हैं, कंपनी का आउटलुक किसी बड़े महंगाई झटके की उम्मीद पर आधारित है। खराब मानसून जैसे मौसम के गंभीर बदलाव से साल की दूसरी छमाही में ग्रामीण मांग प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, कंपनी प्रोजेक्ट सेतु (Project Setu) जैसे अपने वितरण और टेक्नोलॉजी अपग्रेड के माध्यम से परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
Marico के शेयर 5 अगस्त 2026 को ₹852.00 पर बंद हुए थे। भविष्य में, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अपडेट डबल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ की निरंतरता, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच लाभ मार्जिन बनाए रखने की क्षमता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अधिग्रहणों की प्रगति होगी।
