FMCG दिग्गज Marico ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। घरेलू वॉल्यूम में **10%** की उछाल और दमदार रेवेन्यू ग्रोथ के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹550-₹558 करोड़** के दायरे में पहुंच गया है, जो कंपनी के **₹15,000 करोड़** के सालाना रेवेन्यू टारगेट की राह आसान कर रहा है।
मुनाफे में दमदार उछाल
Marico ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर ₹550 करोड़ से ₹558 करोड़ के बीच रहा। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13% की बढ़त के साथ ₹3,897 करोड़ पर पहुंच गया है।
वॉल्यूम ग्रोथ और मार्केटिंग पर जोर
कंपनी की इस सफलता के पीछे घरेलू मार्केट में 10% की वॉल्यूम ग्रोथ का बड़ा हाथ है। EBITDA मार्जिन में 200 बेसिस पॉइंट्स का सुधार देखा गया है, जो अब 18.2% पर है। अच्छी बात यह है कि कंपनी ने अपने मार्केट शेयर को सुरक्षित रखने और नए प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए विज्ञापन और प्रमोशन खर्च में 44% की बड़ी बढ़ोतरी की है।
विजन 2030 और नए बदलाव
कंपनी ने अपने 'विजन 2030' के तहत ₹20,000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए इस साल ₹15,000 करोड़ के रेवेन्यू का टारगेट तय किया गया है। इसे हासिल करने के लिए कंपनी अब खाने-पीने के सामान (Food) और प्रीमियम पर्सनल केयर सेगमेंट पर ज्यादा फोकस कर रही है ताकि कमोडिटी-लिंक्ड बिजनेस पर निर्भरता कम की जा सके। साथ ही, बोर्ड में गवर्नेंस को मजबूती देने के लिए राजन भारती मित्तल को लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि नतीजे काफी मजबूत हैं, लेकिन एडिबल ऑयल और कोपरा जैसे कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में रॉ मटेरियल के प्राइस ट्रेंड और वॉल्यूम ग्रोथ की निरंतरता पर नजर रखनी चाहिए।
