Marico Share Price: निवेशकों की मौज! **25%** बढ़ा मुनाफा, बिक्री वॉल्यूम **5 साल** के रिकॉर्ड पर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Marico Share Price: निवेशकों की मौज! **25%** बढ़ा मुनाफा, बिक्री वॉल्यूम **5 साल** के रिकॉर्ड पर

FMCG कंपनी Marico ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **25%** का जोरदार उछाल आया है, जो कि **₹630 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू **23%** बढ़कर **₹3,957 करोड़** तक पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि डोमेस्टिक वॉल्यूम में **11%** की ग्रोथ दर्ज की गई, जो पिछले **5 सालों** का रिकॉर्ड है।

मुनाफे का राज़: गिरी इनपुट कॉस्ट और बढ़ा वॉल्यूम

Marico लिमिटेड के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) बेहद शानदार रही। कंपनी ने 25% सालाना आधार पर बढ़ते हुए ₹630 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹3,957 करोड़ पर पहुंच गया। इस बेहतरीन नतीजे की मुख्य वजह 11% की डोमेस्टिक वॉल्यूम ग्रोथ रही, जो कि पिछले 20 तिमाहियों या 5 सालों में सबसे ज़्यादा है।

मार्जिन में सुधार का कारण

कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी 40 बेसिस पॉइंट का सुधार देखा गया और यह 20.7% पर पहुंच गया। इस मार्जिन विस्तार का सबसे बड़ा कारण कोपरा (Copra) की कीमतों में आई भारी गिरावट है, जो अपने पीक से करीब 45% तक गिर चुकी हैं। लागत नियंत्रण में रहने के बावजूद, Marico ने ब्रांड बिल्डिंग और मार्केटिंग पर खर्च जारी रखा।

प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और ग्रोथ स्ट्रेटेजी

Marico की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में उसके पारंपरिक प्रोडक्ट्स और नए डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स का मिक्स शामिल है। पैराशूट हेयर ऑयल और वैल्यू-एडेड हेयर ऑयल (VAHO) सेगमेंट कंपनी के रेवेन्यू का मुख्य आधार बने रहे। साथ ही, कंपनी अपने फ़ूड और प्रीमियम पर्सनल केयर सेगमेंट का भी विस्तार कर रही है, जो ओवरऑल सेल्स में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कंपनी पारंपरिक रिटेल ट्रेड और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, दोनों पर अपनी पहुंच बढ़ा रही है, जहां डबल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिल रही है।

स्टॉक मार्केट की प्रतिक्रिया और सेक्टर रिस्क

हालांकि, नतीजों के बावजूद, 4 अगस्त 2026 को Marico का शेयर ₹875 पर बंद हुआ, जिसमें 0.68% की मामूली गिरावट दर्ज की गई। बाजार में अक्सर निवेशक नतीजों से परे भी देखते हैं, और कभी-कभी अच्छे नतीजों के बाद आई मामूली गिरावट प्रॉफिट-टेकिंग (Profit-Taking) का संकेत हो सकती है।

आगे चलकर, कंपनी को फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर के कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा। कच्चे माल की कीमतों में नरमी से फिलहाल मार्जिन को सहारा मिला है, लेकिन एडिबल ऑयल और क्रूड-लिंक्ड डेरिवेटिव्स जैसी इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव पर नज़र रखनी होगी। इसके अलावा, वैश्विक मैक्रो-इकॉनॉमिक फैक्टर और महंगाई बांग्लादेश जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कंज्यूमर सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है। निवेशक मैनेजमेंट से यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या वॉल्यूम ग्रोथ का यह स्तर आगे भी बना रहेगा और कंपनी कमोडिटी की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव से कैसे निपटेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.