Marico Limited ने FY27 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **23%** बढ़कर **₹3,957 करोड़** हो गया, जबकि डोमेस्टिक वॉल्यूम में **11%** की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले **20** तिमाहियों का रिकॉर्ड है। कोपरा की कीमतों में गिरावट से प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ी है, लेकिन महंगे वैल्युएशन के चलते शेयर में हल्की मुनाफावसूली (Profit-taking) देखने को मिली।
दमदार शुरुआत के साथ नए फाइनेंशियल ईयर का आगाज
Marico Limited ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत जोरदार की है। कंपनी के मैनेजमेंट को उम्मीद है कि कंज्यूमर डिमांड में आई तेजी का फायदा उन्हें मिलेगा। FY27 की पहली तिमाही में, कंपनी के डोमेस्टिक वॉल्यूम में 11% का इजाफा हुआ, जो कि पिछले 20 तिमाहियों का सबसे बेहतरीन आंकड़ा है। इसी के साथ, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 23% बढ़कर ₹3,957 करोड़ पर पहुंच गया।
प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा उछाल, कोपरा की गिरी कीमतें
तिमाही के नतीजों में प्रॉफिटेबिलिटी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। नेट प्रॉफिट में 25% से 27% तक की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹630 करोड़ से ₹652 करोड़ के बीच रहा। इस शानदार परफॉर्मेंस की एक बड़ी वजह कोपरा की कीमतों में आई भारी गिरावट है। हाल की ऊंचाई से कोपरा के दाम 45% तक गिरे हैं। बता दें कि कोपरा, कंपनी के पैराशूट ऑयल ब्रांड के लिए एक अहम कच्चा माल है। कीमतों में इस गिरावट के चलते EBITDA मार्जिन 20.7% तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 40 बेसिस पॉइंट ज्यादा है।
महंगे वैल्युएशन पर मुनाफावसूली का दबाव
हालांकि, दमदार नतीजों के बावजूद 4 अगस्त 2026 को कंपनी के शेयर में हल्की गिरावट देखी गई, जो लगभग 0.68% थी। यह मार्केट में अक्सर देखी जाने वाली मुनाफावसूली (Profit-taking) का संकेत है, जहां निवेशक शेयर की कीमतों में तेजी के बाद मुनाफा लॉक करने के लिए बिकवाली करते हैं। वर्तमान में, शेयर अपने प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल 45x के करीब ट्रेड कर रहा है, जो कई मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर में काफी महंगा माना जाता है। ऐसे में, नए निवेशक एंट्री पॉइंट को लेकर सतर्क हो सकते हैं।
आगे क्या हैं कंपनी की योजनाएं?
Marico ने FY27 के लिए ₹15,000 करोड़ का सालाना रेवेन्यू पार करने का लक्ष्य बरकरार रखा है। जहां कोपरा जैसी इनपुट कॉस्ट में नरमी से मार्जिन को सहारा मिल रहा है, वहीं निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि कंपनी एडिबल ऑयल और पैकेजिंग पॉलिमर जैसी अन्य कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। अगर इन लागतों में अप्रत्याशित वृद्धि होती है, तो भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार बढ़ रहा है, लेकिन वह मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनावों के जोखिमों के अधीन रहेगा।
कंपनी अपनी नई पहलों, जिनमें डिजिटल-फर्स्ट ब्रांडों का विस्तार और 'प्रोजेक्ट सेतु' (Project SETU) डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम शामिल है, के जरिए इस गति को बनाए रखने पर दांव लगा रही है। आगे चलकर, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में वॉल्यूम ग्रोथ के इस स्तर को बनाए रख पाती है या नहीं, और क्या कच्चे माल की कीमतें उसके वर्तमान प्रॉफिट मार्जिन का समर्थन करने के लिए पर्याप्त स्थिर रहती हैं।
