Marico लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को **2.64%** की गिरावट आई, शेयर **₹857.65** पर ट्रेड कर रहा था। यह गिरावट कंपनी के मार्च 2026 तिमाही के नतीजों के बाद आई है, जिसमें सालाना मुनाफे में ग्रोथ के बावजूद तिमाही रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई।
तिमाही नतीजों में आई नरमी
Marico लिमिटेड के शेयर मंगलवार को दोपहर के कारोबार में 2.64% की गिरावट के साथ ₹857.65 पर कारोबार कर रहे थे। यह गिरावट कंपनी द्वारा जारी किए गए मार्च 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद आई है, जिसमें पिछले तिमाही की तुलना में प्रदर्शन में नरमी देखी गई।
कंपनी के लेटेस्ट तिमाही नतीजों में टॉप-लाइन (रेवेन्यू) और बॉटम-लाइन (मुनाफा) दोनों में गिरावट दर्ज की गई। मार्च 2026 तिमाही के लिए कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹3,333 करोड़ रहा, जो दिसंबर 2025 तिमाही के ₹3,537 करोड़ से कम है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट घटकर ₹408 करोड़ रह गया, जो पिछली तिमाही में ₹460 करोड़ था। नतीजतन, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी घटकर 3.04 हो गया, जो पिछली तिमाही में 3.45 था। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह गिरावट मौसमी है या कंपनी अपने मुख्य कंज्यूमर गुड्स सेगमेंट में डिमांड प्रेशर का सामना कर रही है।
लंबी अवधि की ग्रोथ और वित्तीय मजबूती
हालिया तिमाही की अस्थिरता के बावजूद, Marico के पिछले कई सालों के वित्तीय आंकड़े एक स्थिर अपट्रेंड दिखाते हैं। पिछले चार सालों में, कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 2022 में ₹9,512 करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹13,611 करोड़ हो गया है। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट भी ₹1,255 करोड़ से बढ़कर ₹1,813 करोड़ हो गया है। कंपनी का मजबूत बैलेंस शीट बनाए रखने पर जोर एक खास बात है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2026 में घटकर 0.08 हो गया है। इसके अलावा, इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 2022 में 36.58% से बढ़कर 2026 में 41.85% हो गया है, जो मजबूत ऑपरेशनल एफिशिएंसी का संकेत देता है।
शेयरहोल्डर रिटर्न और कॉरपोरेट हिस्ट्री
Marico ने डिविडेंड के माध्यम से अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की एक सुसंगत नीति बनाए रखी है। कंपनी ने हाल ही में ₹4.00 प्रति शेयर के डिविडेंड का भुगतान फाइनल किया है, जिसकी प्रभावी तिथि 30 जुलाई 2026 थी। कंपनी ने ऐतिहासिक रूप से अक्सर डिविडेंड और बोनस इश्यू का उपयोग पूंजी प्रबंधन के लिए किया है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए, कंपनी की कच्चे माल की कीमतों और उपभोक्ता मांग में उतार-चढ़ाव से निपटने की क्षमता पर ध्यान केंद्रित रहेगा। अगले महत्वपूर्ण अपडेट्स में वॉल्यूम ग्रोथ और आने वाली तिमाहियों में प्रॉफिट मार्जिन की संभावित रिकवरी के संबंध में मैनेजमेंट की टिप्पणी शामिल होगी।
