Manoj Vaibhav Gems के नतीजे ज़बरदस्त! रेवेन्यू में **37%** की छलांग, वेयरहाउस भी खरीदा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Manoj Vaibhav Gems के नतीजे ज़बरदस्त! रेवेन्यू में **37%** की छलांग, वेयरहाउस भी खरीदा
Overview

Manoj Vaibhav Gems 'N' Jewellers Limited ने Q3 FY26 के लिए ज़बरदस्त नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कुल आय में साल-दर-साल **36.9%** का भारी उछाल आया है, जो **₹686.27 करोड़** तक पहुँच गया। साथ ही, कंपनी ने **1,50,000 वर्ग फुट** का एक बड़ा वेयरहाउस भी **₹32.29 करोड़** में खरीद लिया है।

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📉 कमाई और मुनाफे में बंपर बढ़ोतरी

Manoj Vaibhav Gems 'N' Jewellers Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने शानदार फाइनेंसियल रिजल्ट्स (Financial Results) का ऐलान किया है। Q3 FY26 में कंपनी की कुल आय में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 36.9% का जोरदार इजाफा देखने को मिला, जो ₹501.18 करोड़ से बढ़कर ₹686.27 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस (Operations) से होने वाले रेवेन्यू (Revenue) में भी 37.6% की तेज़ी देखी गई और यह ₹684.80 करोड़ पर पहुँच गया।

कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 51.7% बढ़कर ₹43.66 करोड़ हो गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 36.6% की बढ़ोतरी के साथ ₹34.50 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले साल ₹25.25 करोड़ था। प्रति शेयर आय (Basic EPS) में भी 36.7% का उछाल आया और यह ₹7.06 रहा।

इस तिमाही में ₹1.44 करोड़ का एक असाधारण खर्च (Exceptional Item) कर्मचारी लाभ प्रावधान (Employee Benefit Provisions) के लिए दर्ज किया गया, जो नई लेबर कोड्स (New Labour Codes) के लागू होने के कारण हुआ। इसका असर PAT पर थोड़ा पड़ा।

नौ महीनों (Nine Months) की बात करें तो, 31 दिसंबर, 2025 तक कुल आय 18.6% बढ़कर ₹1994.29 करोड़ और PAT 17.8% बढ़कर ₹86.82 करोड़ रहा।

मुनाफे का मार्जिन (PAT Margin) लगभग 5.03% पर स्थिर रहा, जो पिछले साल की 5.04% के करीब है। इससे पता चलता है कि मुनाफा रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ बढ़ा है।

🚀 इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

कंपनी के बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण स्ट्रैटेजिक कदम उठाते हुए एक लंबे समय से लीज पर चल रहे वेयरहाउस (Warehouse) को खरीदने की मंजूरी दे दी है। यह 1,50,000 वर्ग फुट का एक पूरी तरह से बना हुआ और अभी इस्तेमाल में लाया जा रहा प्रॉपर्टी है। इसे ₹32.29 करोड़ की कुल लागत में अधिग्रहित किया गया है, जिसमें बेस कंसीडरेशन (Base Consideration) और अन्य चार्जेज़ (Statutory Charges) शामिल हैं। इस वेयरहाउस के एक प्रमुख टेनिस (Kia partner company) के साथ होने से यह संकेत मिलता है कि यह एक स्थिर आय का स्रोत बन सकता है।

यह अधिग्रहण कंपनी के सप्लाई चेन (Supply Chain) और लॉजिस्टिक्स (Logistics) क्षमताओं को और मजबूत करेगा, खासकर रिटेल ज्वैलरी (Retail Jewellery) के अपने सिंगल बिज़नेस सेगमेंट में।

🚩 आगे क्या? (Outlook)

इस घोषणा में कंपनी ने भविष्य को लेकर कोई गाइडेंस (Guidance) या आउटलुक (Outlook) जारी नहीं किया है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना मुश्किल होगा कि मैनेजमेंट भविष्य की ग्रोथ, मार्जिन परफॉरमेंस (Margin Performance) या किसी संभावित चुनौतियों को लेकर क्या सोच रहा है। नई लेबर कोड्स की वजह से बढ़े प्रावधानों का भविष्य की लागतों पर असर पड़ सकता है।

निवेशक आगे कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ पर नज़र रखेंगे। साथ ही, नए खरीदे गए वेयरहाउस के इंटीग्रेशन (Integration) और उससे मिलने वाले फायदों पर भी ध्यान देना होगा। कंपनी का प्रदर्शन सीधे तौर पर ज्वैलरी सेक्टर में कंज्यूमर सेंटीमेंट (Consumer Sentiment) और मांग से जुड़ा रहेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.