महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम Shabari Naturals को उसके ट्राइबल प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग के लिए प्रतिष्ठित G-Mark ग्लोबल डिजाइन अवॉर्ड मिला है। जापान इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन प्रमोशन से मिली यह पहचान अब ऑर्गेनिक फूड सेगमेंट में ब्रांड की विश्वसनीयता को नई ऊंचाई देगी।
महाराष्ट्र सरकार की पहल Shabari Naturals को जापान इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन प्रमोशन की ओर से G-Mark ग्लोबल डिजाइन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवॉर्ड कंपनी की उस खास पैकेजिंग को दिया गया है, जिसमें पारंपरिक वारली और गोंड कला को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया है। नासिक स्थित शबरी ट्राइबल फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (STFDC) द्वारा संचालित, यह ब्रांड जंगली शहद, बाजरा, अनपॉलिश्ड चावल और मसालों जैसे प्रोडक्ट बेचता है, जिन्हें सीधे आदिवासी समुदायों से लिया जाता है।
ब्रांडिंग का बड़ा फायदा
इस जीत का सबसे बड़ा असर ब्रांडिंग पर होगा। ऑर्गेनिक और ट्राइबल प्रोडक्ट के बढ़ते मार्केट में प्रोफेशनल पैकेजिंग ही वह जरिया है जिससे ग्राहकों का भरोसा जीता जा सकता है और बेहतर कीमत (Premium Pricing) वसूली जा सकती है। अब G-Mark का लोगो इस्तेमाल करने की अनुमति मिलने से, यह सरकारी उपक्रम निजी ऑर्गेनिक ब्रांडों के सामने मजबूती से खड़ा हो सकेगा। यह एक बड़ा बदलाव है, जहां सरकार अब कल्याणकारी योजनाओं से आगे बढ़कर एक प्रोफेशनल बिजनेस मॉडल की तरफ बढ़ रही है।
असली चुनौती और भविष्य
हालांकि, डिजाइन की तारीफ अपनी जगह है, लेकिन लंबी अवधि की सफलता के लिए ऑपरेशनल चुनौतियां बड़ी हैं। इसमें रिमोट इलाकों से सप्लाई चेन को मैनेज करना, लॉजिस्टिक्स को सुचारू रखना और बड़े स्तर पर प्रोडक्ट की क्वालिटी बनाए रखना शामिल है। अक्सर सोशल एंटरप्राइजेज यहीं आकर अटक जाती हैं।
इस अवॉर्ड का आधिकारिक समारोह 4 नवंबर को टोक्यो में आयोजित होगा। अब बाजार की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या STFDC इस अंतरराष्ट्रीय पहचान का इस्तेमाल रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने और आदिवासी कारीगरों की आय में सुधार के लिए कर पाएगा या नहीं।
