महाराष्ट्र FDA ने पुणे और कोल्हापुर में Domino’s Pizza के पांच आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। जांच में हाइजीन से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गई हैं, जिसके बाद Jubilant FoodWorks को अब सुरक्षा मानकों को सुधारना होगा।
FDA की कार्रवाई की वजह
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा की गई जांच में इन आउटलेट्स पर स्वच्छता से जुड़ी कई बड़ी खामियां सामने आई हैं। इंस्पेक्टर्स ने पाया कि फूड स्टोरेज और प्रिपरेशन एरिया में कीड़े (pests) मौजूद थे, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को अलग रखने में लापरवाही, तापमान में उतार-चढ़ाव और कचरा प्रबंधन (waste management) में भी गंभीर कमियां पाई गई हैं।
Jubilant FoodWorks पर कितना असर?
ये पांचों आउटलेट्स Jubilant FoodWorks लिमिटेड के अधीन आते हैं, जो भारत में Domino’s के मास्टर फ्रैंचाइजी हैं। कंपनी देशभर में 2,000 से ज्यादा स्टोर्स का संचालन करती है। हालांकि, 5 स्टोर्स का बंद होना कंपनी के कुल रेवेन्यू के मुकाबले एक छोटा हिस्सा है, लेकिन यह QSR सेक्टर में बढ़ती ऑपरेशनल चुनौतियों और रिस्क को जरूर दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भारत में QSR इंडस्ट्री का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसके चलते फूड सेफ्टी अथॉरिटीज अब काफी सख्त हो गई हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी कितनी जल्दी इन कमियों को दूर कर फिर से अपना लाइसेंस बहाल कराती है। लगातार खराब हाइजीन रेटिंग न केवल ब्रांड की साख पर बट्टा लगाती है, बल्कि लंबे समय में ग्राहकों का भरोसा भी तोड़ सकती है। उम्मीद है कि कंपनी अब अपने इंटरनल ऑडिट और स्टाफ ट्रेनिंग को और सख्त करेगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
