त्योहारों के सीजन को देखते हुए Maharashtra FDA ने मिलावटखोरों पर नकेल कस दी है। विभाग ने **95 टन** मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स पकड़े हैं, जिनकी कीमत **₹4.45 करोड़** आंकी गई है।
रेड की इनसाइड स्टोरी
गणेश चतुर्थी के त्योहार को देखते हुए कमिश्नर तुकाराम मुंडे की अगुवाई में यह बड़ा ऑपरेशन चलाया गया। अहिल्यानगर, पुणे, नासिक और बुलढाणा में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी सामान मिला। सबसे बड़ी कार्रवाई अहिल्यानगर में हुई, जहां 75,000 किलो से ज्यादा 'Madurama Creamy Delight' बटर को सीज किया गया। अधिकारियों ने पाया कि सामान की ट्रांसपोर्टिंग में रेफ्रिजरेशन के नियमों का पालन नहीं हो रहा था और न ही उचित इनवॉइस थे।
पिछले 3 महीनों का डेटा
यह केवल एक घटना नहीं है, बल्कि FDA का एक बड़ा अभियान है। जून से अगस्त के बीच विभाग ने 12,000 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की है, जिसमें ₹67.20 करोड़ का स्टॉक सीज हुआ है और 875 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
डेयरी सेक्टर के लिए क्या हैं संकेत?
इस सख्ती से अनऑर्गनाइज्ड प्लेयर्स की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और डॉक्यूमेंटेशन पर बढ़ते खर्च से छोटी कंपनियों का मुनाफा (Profit Margin) प्रभावित हो सकता है। हालांकि, जो कंपनियां पहले से ही इन नियमों का पालन कर रही हैं, उन्हें अब मार्केट में बड़ा कॉम्पिटिटिव एडवांटेज मिल सकता है। निवेशकों को आने वाले दिनों में कंपनियों के अनुपालन (Compliance) खर्च पर नजर रखनी चाहिए।
