शहर-केंद्रित रणनीति से रेवेन्यू में उछाल
कंपनी ने नए शहरों में विस्तार करने की बजाय, अपने मौजूदा शहरी बाजारों में गहरी पैठ बनाने पर जोर दिया। ऑनलाइन बिक्री 28% बढ़कर ₹1,000 करोड़ तक पहुंच गई, जो मजबूत डिलीवरी सिस्टम और स्थापित बाजारों में बेहतर उपस्थिति का नतीजा है। वहीं, कंपनी की ओमनीचैनल (Omnichannel) रणनीति भी रंग लाई, जिससे ऑफलाइन रेवेन्यू FY25 के ₹26 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹177 करोड़ हो गया। इसके पीछे 60 से अधिक आउटलेट्स का योगदान है, जो ग्राहकों को ब्रांड से जुड़ने का मौका देते हैं।
विस्तार में भारी निवेश से बढ़ी EBITDA बर्न
हालांकि, इस शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, Licious का EBITDA बर्न बढ़कर ₹187 करोड़ हो गया, जो पिछले साल FY25 में ₹168 करोड़ था। यह बढ़ोतरी कंपनी द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और अपने फिजिकल रिटेल फुटप्रिंट का विस्तार करने में किए गए भारी निवेश के कारण हुई है। Licious अगले पांच सालों में अपने डार्क स्टोर नेटवर्क को 130 से बढ़ाकर करीब 400 करने की योजना बना रही है, जिसमें FY27 के लिए लगभग 70 नए स्टोर खोलने की तैयारी है।
फूड टेक मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
Licious भारत के तेजी से बढ़ते फूड टेक और ऑनलाइन ग्रोसरी मार्केट में काम करती है, जहां जबरदस्त कॉम्पिटिशन है। कंपनी अपने मीट और सीफूड सेगमेंट में एक लीडर के तौर पर उभरी है। हालांकि, FreshToHome जैसे प्रतियोगी भी सक्रिय हैं। वहीं, Zomato जैसे बड़े खिलाड़ी बड़े मार्केट कैप दिखाते हैं, जो इस क्षेत्र में स्थापित कंपनियों के लिए अच्छी वैल्यूएशन की संभावना तो जताते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए भारी पूंजी की भी जरूरत होती है।
विकास और लाभप्रदता की चुनौतियां
FY26 में ₹187 करोड़ के बढ़ते EBITDA बर्न से पता चलता है कि विस्तार, खासकर फिजिकल स्टोर और डार्क फुलफिलमेंट सेंटरों में निवेश, महंगा पड़ रहा है। कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों पर काफी निर्भर है, जो नए ग्राहकों को आकर्षित करने में चुनौतियों का संकेत दे सकता है। Licious ने FY27 के लिए ₹1,800 करोड़ के रेवेन्यू का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी को लगातार अपनी उपस्थिति बढ़ानी होगी और लागतों का प्रबंधन करना होगा। बढ़ती राजस्व को लगातार मुनाफे में बदलना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, खासकर इस प्रतिस्पर्धी माहौल में।