रिकॉर्ड हाई पर Lenskart, पर वैल्यूएशन की चिंता?
Lenskart Solutions के शेयर में गजब की रफ्तार देखने को मिली! शुक्रवार को यह शेयर इंट्राडे में 6% चढ़कर रिकॉर्ड ₹541.45 के स्तर पर पहुंच गया। बाज़ार में गिरावट के बावजूद Lenskart ने अपनी चाल जारी रखी। यह तेजी पिछले तीन दिनों में 12% की बढ़ोतरी का हिस्सा है और नवंबर 2025 के इसके 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹355.70 से 52% ऊपर आ चुका है। IPO प्राइस ₹402 से भी यह अब 35% महंगा हो गया है। लेकिन शेयर की यह ऊंची उड़ान निवेशकों और एनालिस्ट्स के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है: क्या यह वैल्यूएशन सही है?
Q3 में रेवेन्यू की बंपर ग्रोथ
कंपनी के दिसंबर 2025 क्वार्टर (Q3 FY26) के नतीजे काफी मजबूत रहे। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 37% बढ़कर ₹2,308 करोड़ हो गया। डोमेस्टिक बिजनेस में 40% की शानदार ग्रोथ देखी गई, वहीं इंटरनेशनल ऑपरेशंस में भी 33% की बढ़ोतरी हुई। भारत में 28% की सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) कंपनी की मजबूत पकड़ और इफेक्टिव कस्टमर स्ट्रैटेजी का सबूत है। खास बात यह है कि इंडिया का प्री-Ind AS EBITDA दोगुना हो गया और इंटरनेशनल सेगमेंट भी पहली बार प्रॉफिटेबल बन गया।
मार्केट और कॉम्पिटिशन का हाल
भारतीय आईवियर मार्केट काफी बड़ा है, जिसका साइज 2023 में करीब $4.8 बिलियन था और 2031 तक यह 11% से ज्यादा की CAGR से बढ़ने की उम्मीद है। बढ़ती विजन प्रॉब्लम्स, डिस्पोजेबल इनकम में इजाफा और आईवियर को सिर्फ एक मेडिकल जरूरत से ज्यादा फैशन एक्सेसरी मानने का चलन इस ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है। Lenskart इस मार्केट में सबसे बड़ी वर्टिकली इंटीग्रेटेड, टेक-लेड ओमनीचैनल प्लेटफॉर्म के तौर पर खड़ी है। कंपनी हर साल सैकड़ों नए स्टोर खोलकर अपना मार्केट शेयर बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, Lenskart अकेले मार्केट में नहीं है। Titan Eyeplus जैसे स्थापित ब्रांड, जो Titan Company का हिस्सा है, अपनी मजबूत रिटेल प्रेजेंस और ब्रांड ट्रस्ट के साथ मौजूद हैं। इनके अलावा Specsmakers, EyeMyEye, GKB Opticals और Vision Express जैसे खिलाड़ी भी मार्केट में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्लोबल प्लेयर EssilorLuxottica का PE रेश्यो करीब 50x और डोमेस्टिक प्लेयर Titan का PE रेश्यो 92x के आसपास है, जो Lenskart की तुलना में काफी कम है।
वैल्यूएशन पर एनालिस्ट्स का फोकस
Lenskart का मौजूदा वैल्यूएशन इस पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा है। कंपनी का PE रेश्यो 172x से 448x के बीच चल रहा है, जबकि इंडस्ट्री एवरेज 18x के आसपास है। यह एक बहुत बड़ा प्रीमियम है। यह हाई वैल्यूएशन इस उम्मीद पर टिका है कि कंपनी भविष्य में लगातार तेज ग्रोथ और प्रॉफिट मार्जिन में बड़ा सुधार दिखाएगी। Q3 में रेवेन्यू और EBITDA तो मजबूत रहे, लेकिन Return on Equity (ROE) अभी भी 4-6% के आसपास ही है।
इस प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए, Lenskart को तेजी से मुनाफा बढ़ाना होगा, जो कि कड़े मुकाबले और एक्सपेंशन प्लान के बीच एक बड़ी चुनौती है। कंपनी ने हाल ही में IPO से अच्छी खासी कैपिटल जुटाई है, जिसका इस्तेमाल स्टोर खोलने में हो रहा है। यह 'ग्रोथ एट ऑल कॉस्ट' की स्ट्रैटेजी मार्केट शेयर तो बढ़ा सकती है, लेकिन अगर बिक्री के हिसाब से मुनाफा नहीं बढ़ा तो मार्जिन पर भारी दबाव आ सकता है।
आगे की राह
इन सबके बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स Lenskart को लेकर पॉजिटिव बने हुए हैं। कंसेंसस रेटिंग 'Buy' की तरफ झुकी हुई है और 12 महीने के टारगेट प्राइस ₹530 से ₹600 के बीच रखे गए हैं। JM Financial ने ₹565 और Motilal Oswal ने ₹600 का टारगेट दिया है। कंपनी का फोकस आईवियर को फैशन और अफॉर्डेबिलिटी से जोड़ना और AI-बेस्ड टेस्टिंग जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है। लेकिन यह सब तभी सफल होगा जब Lenskart अपनी रेवेन्यू ग्रोथ को ठोस मुनाफे में बदल पाए और अपने प्रीमियम वैल्यूएशन को बनाए रख पाए।