AI का जादू: Lenskart के नतीजों में कैसे दिखी ग्रोथ?
Lenskart के Q3 FY26 के नतीजे बाजार के लिए एक बड़ा सरप्राइज रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 70 गुना से भी ज़्यादा बढ़कर ₹131 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में 38.3% का इजाफा देखा गया, जो ₹2,307.7 करोड़ रहा। इस ज़बरदस्त प्रदर्शन की मुख्य वजह कंपनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने ऑपरेशनल सिस्टम में गहराई से इंटीग्रेट करना है। CEO Peyush Bansal ने बताया कि Tango Eye (स्टोर एनालिटिक्स) और GeoIQ (लोकेशन इंटेलिजेंस) जैसे प्लेटफॉर्म्स में वर्षों पहले किए गए निवेश अब रंग ला रहे हैं। जनरेटिव AI और एजेंटिक AI की एडवांस्ड क्षमताओं ने कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दस गुना तक बढ़ा दिया है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्जिन में बड़ा उछाल
AI इंटीग्रेशन की बदौलत Lenskart ने लागत पर भी शानदार कंट्रोल बनाए रखा। मैनेजमेंट के अनुसार, पिछले साल की तुलना में दोगुने स्टोर खोले जाने के बावजूद कंपनी के मार्जिन में सुधार देखा गया। इसके चलते, EBITDA मार्जिन बढ़कर 20.0% हो गया, जो पिछले साल 14.5% था। इन बेहतरीन नतीजों के बाद, 12 फरवरी 2026 को Lenskart Solutions Ltd (NSE:LENSKART) के शेयर 13.34% की तेजी के साथ ₹530 पर कारोबार कर रहे थे। कंपनी अपनी आक्रामक विस्तार रणनीति पर भी जोर दे रही है, जिसमें 41% नए स्टोर टियर 2 और उससे आगे के शहरों में खोले जा रहे हैं, जिससे उसकी मार्केट पोजीशन और मजबूत हो रही है।
वैल्यूएशन पर संदेह और कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
हालांकि, Lenskart की रॉकेट जैसी ग्रोथ के साथ-साथ इसकी वैल्यूएशन पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नवंबर 2025 में हुए IPO के दौरान कंपनी को करीब $8 बिलियन का वैल्यूएशन मिला था, जिसे कुछ एनालिस्ट्स ने 'स्ट्रेच्ड' या 'बहुत महंगा' बताया है। कंपनी के शेयर उस समय लगभग 230 गुना कोर प्रॉफिट और 10 गुना रेवेन्यू पर ट्रेड कर रहे थे, जिसे कुछ जानकारों का मानना है कि यह ग्लोबल पीयर्स जैसे EssilorLuxottica (जो अपने फॉरवर्ड अर्निंग्स के करीब 45 गुना पर ट्रेड करता है) की तुलना में काफी ज्यादा है। 9 फरवरी 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप $8.85 बिलियन था।
Lenskart एक ऐसे ग्लोबल आईवियर मार्केट में काम कर रही है जहां AI अब एक निर्णायक कारक बन गया है। ग्लोबल लीडर EssilorLuxottica ने 2025 में €28.5 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जिसमें Meta के साथ मिलकर बनाए गए AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं, Warby Parker जैसी कंपनियां भी AI पर दांव लगा रही हैं। भारत में, Titan Eyeplus एक छोटा प्लेयर होते हुए भी स्मार्ट आईवियर पर फोकस कर रहा है। ओवरऑल इंडियन रिटेल सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एक बड़ी लहर है, और AI को पर्सनललाइजेशन, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सप्लाई चेन के लिए बेहद ज़रूरी माना जा रहा है। यह सेक्टर 2030 तक $1.6 ट्रिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय आईवियर मार्केट का साइज FY25 में ₹78,800 करोड़ का अनुमान है और यह 13% की CAGR से बढ़ने की उम्मीद है।
भविष्य की राह, जोखिम और एनालिस्ट्स की राय
कंपनी की आक्रामक विस्तार रणनीति, जिसने FY26 के पहले नौ महीनों में 420 नए स्टोर खोले हैं, उसमें एक्जीक्यूशन रिस्क भी शामिल है। AI पर अत्यधिक निर्भरता भविष्य में चुनौतियां खड़ी कर सकती है, खासकर अगर कंज्यूमर डिमांड या कॉम्पिटिटिव AI एडवांसेज में अप्रत्याशित बदलाव आए। भविष्य की ओर देखें तो, Lenskart का लक्ष्य $8 बिलियन तक के वैल्यूएशन का है। JM Financial के एनालिस्ट्स FY25 से FY28E के बीच रेवेन्यू में 23%, EBITDA में 50% और EPS में 55% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान लगा रहे हैं। कंपनी AI का इस्तेमाल रिमोट ऑप्टोमेट्री, AI-एनेबल्ड आई टेस्टिंग और स्मार्ट ग्लासेस जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन के लिए जारी रखेगी। हालांकि, कंपनी को इस हाई वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी ग्रोथ की गति को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
