गुरुवार को Lenskart Solutions Limited के निवेशकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया, जब कंपनी के शेयर ₹526.35 के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर जा पहुंचे। यह तूफानी तेजी कंपनी की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के उम्मीदों से कहीं बेहतर नतीजों का नतीजा थी, जिसने बाजार में हलचल मचा दी। कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस, आक्रामक स्टोर विस्तार और बढ़ते मार्केट शेयर ने इस रैली को बल दिया। जहां विश्लेषक कंपनी की ग्रोथ मोमेंटम की सराहना कर रहे हैं, वहीं इसके प्रीमियम वैल्युएशन और महत्वाकांक्षी विस्तार योजना की दीर्घकालिक व्यवहार्यता पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है।
Q3 में कैसा रहा प्रदर्शन?
Lenskart Solutions ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में ₹131 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹1.85 करोड़ की तुलना में एक जबरदस्त 6,981% का उछाल है। कंपनी का रेवेन्यू भी 38% बढ़कर ₹2,307 करोड़ हो गया। इसमें भारत में 40.4% और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में 32.7% की ग्रोथ शामिल है। EBITDA में 90.6% की जोरदार 90.6% की बढ़त के साथ यह ₹462.4 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन 14.5% से बढ़कर 20% हो गया। यह मजबूत ऑपरेशनल लीवरेज का साफ संकेत देता है। 10 नवंबर, 2025 को IPO के बाद से, शेयर में लगभग 31% का इजाफा हुआ है, जिससे कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹88,000 करोड़ हो गया है। ब्रोकरेज फर्म Emkay Global और JM Financial ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस क्रमशः ₹550 और ₹565 कर दिया है।
विस्तार और बाजार की हकीकत
Lenskart की आक्रामक ग्रोथ स्ट्रैटेजी, जिसमें अकेले Q3 FY26 में 195 नए स्टोर खोले गए, कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ का अहम हिस्सा है। कंपनी 6.3 मिलियन (63 लाख) आई टेस्ट्स (जो पिछले साल से 54% ज्यादा है) के साथ अपने एड्रेसेबल मार्केट को बढ़ा रही है, जिसमें से लगभग आधे पहले टेस्ट कराने वाले ग्राहक थे। यह विजन करेक्शन कैटेगरी में नए ग्राहकों को जोड़ने की कंपनी की रणनीति को दर्शाता है। डोमेस्टिक सेल्स में 28% की ग्रोथ और उसी पिनकोड पर सेल्स ग्रोथ 36% रही है। कंपनी के पास करीब ₹4,000 करोड़ का कैश बैलेंस है, जो इसके विस्तार योजनाओं को सपोर्ट करता है। हालांकि, यह सब तब हो रहा है जब मार्केट में कमजोरी देखी जा रही है। कंपनी का Trailing Twelve Months (TTM) Price-to-Earnings (P/E) ratio लगभग 189x है, जो इंडस्ट्री एवरेज से काफी ऊपर है। वहीं, Price-to-Book ratio 11.35x के आसपास है, जो बताता है कि यह स्टॉक अपनी तेज ग्रोथ की उम्मीदों पर चल रहा है।
महंगी वैल्युएशन और जोखिम?
Q3 के शानदार नतीजों और कई ब्रोकरेज फर्मों के बुलिश रुख के बावजूद, कुछ चिंताजनक पहलू हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। Lenskart की वैल्युएशन काफी प्रीमियम है; TTM P/E का 189x और EV/EBITDA का 59.8x होना, खास तौर पर पिछले तीन सालों के 2.87% के कमजोर Return on Equity (ROE) और 4.31% के Return on Capital Employed (ROCE) को देखते हुए, चिंता पैदा करता है। पिछले पांच सालों में EBITDA मार्जिन औसतन सिर्फ 3.53% रहा है, जो बताता है कि वर्तमान मुनाफे का बड़ा हिस्सा शायद नए पैमाने (scale) के कारण है, न कि पुरानी परिचालन क्षमता के कारण। इसके अलावा, प्रमोटरों की हिस्सेदारी पिछले तिमाही में 6.26% घटी है, और कुल हिस्सेदारी सिर्फ 17.6% है, जो गवर्नेंस पर सवाल उठा सकती है। आक्रामक स्टोर खोलना ग्रोथ तो बढ़ा रहा है, लेकिन इसमें मार्केट में कैनिबलाइजेशन (आपस में ही बिक्री काटना) और नए लोकेशंस की इकोनॉमिक्स साबित न होने का जोखिम है। Titan Eye+ जैसे बड़े खिलाड़ी भी बाजार में हैं। Kotak Securities ने 'Add' रेटिंग के साथ ₹500 का टारगेट दिया है, जबकि Antique ने 'Hold' रेटिंग दी है, जो दिखाता है कि सभी विश्लेषक इस हद तक आशावादी नहीं हैं। यह भी संभव है कि कंपनी ब्याज लागत को कैपिटलाइज़ कर रही हो, जिससे अल्पकालिक लाभप्रदता छिप सकती है।
भविष्य की राह
Lenskart का लक्ष्य AI का उपयोग करके 25% का स्टीडी-स्टेट EBITDA मार्जिन हासिल करना है। जहां Emkay और JM Financial जैसे ब्रोकरेज ₹550 और ₹565 के लक्ष्य के साथ बड़ी बढ़त देख रहे हैं, वहीं कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपनी प्रभावशाली ग्रोथ रेट को कैसे बनाए रखती है और अपनी महंगी वैल्युएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कैसे आगे बढ़ती है। आने वाली तिमाही के नतीजे यह तय करेंगे कि Lenskart अपनी परिचालन कुशलता को लगातार मुनाफे में बदल पाती है या नहीं और क्या यह मौजूदा मार्केट प्रीमियम को सही ठहरा सकती है।