Lenskart Share Price: 46% रेवेन्यू बम्पर, प्रॉफिट गिरा पर निवेशक बेफिक्र!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Lenskart Share Price: 46% रेवेन्यू बम्पर, प्रॉफिट गिरा पर निवेशक बेफिक्र!
Overview

Lenskart के शेयरों में आज गजब की तेजी देखी गई। कंपनी ने शानदार 46% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जिसकी वजह स्टोर्स का तेजी से विस्तार और AI का इस्तेमाल है। हालांकि, लागत बढ़ने के कारण मुनाफा 7.5% गिरा है, पर निवेशक कंपनी की प्रीमियम स्ट्रैटेजी से खुश हैं। ब्रोकरेज हाउसेज भी 'बाय' रेटिंग दे रहे हैं, लेकिन वैल्युएशन पर चिंता बनी हुई है।

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रेवेन्यू ग्रोथ ने मुनाफे की गिरावट को दी मात

Lenskart का ऑपरेशनल रेवेन्यू मार्च तिमाही में 45.6% बढ़कर करीब ₹2,516 करोड़ हो गया। इस ग्रोथ में आईवियर (Eyewear) यूनिट की बिक्री 25.2% बढ़कर 9.7 मिलियन तक पहुंचना शामिल है। कंपनी की प्रीमियमाइजेशन की स्ट्रैटेजी कारगर साबित हो रही है, जैसा कि भारत में औसत सेलिंग प्राइस (ASP) में 15.9% की बढ़ोतरी से पता चलता है, जो कि ₹1,865 हो गया है। हालांकि, इस रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 7.5% घटकर ₹203.6 करोड़ रह गया। कंपोनेंट्स, इन्वेंट्री और कर्मचारियों पर बढ़ी लागतों ने इस गिरावट में योगदान दिया। प्रॉफिट में कमी के बावजूद, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पिछले साल के ₹241 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹256 करोड़ हो गया (पिछले साल के एकमुश्त लाभ को छोड़कर)। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन सुधरकर 21.3% रहा।

विस्तार और AI का जलवा

Lenskart ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में अपने स्टोर्स का विस्तार तेजी से किया, पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुने यानी 542 नए स्टोर्स जोड़े। टियर-2 और छोटे शहरों पर फोकस वाली यह स्ट्रैटेजी काफी सफल साबित हो रही है, जहाँ कुछ खास इलाकों में सेल्स ग्रोथ ओवरऑल सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ से भी ज्यादा रही है। कंपनी AI में भी भारी निवेश कर रही है, जिसका इस्तेमाल रिमोट ऑप्टोमेट्री से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक में हो रहा है। 'B by Lenskart' स्मार्ट ग्लासेज, जिनमें Google Gemini फीचर है, ने लॉन्च से पहले ही काफी रुचि जगाई है।

कई ब्रोकरेज फर्मों ने इस पर पॉजिटिव आउटलुक बनाए रखा है। जेफरीज (Jefferies) ने 'बाय' रेटिंग और टारगेट प्राइस ₹600 बरकरार रखा है, AI इंटीग्रेशन और मैन्युफैक्चरिंग कंट्रोल के फायदों पर जोर दिया है। मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) ने 'ओवरवेट' रेटिंग और ₹576 का टारगेट प्राइस दिया है, यह बताते हुए कि Lenskart के Q4 नतीजे उम्मीदों से बेहतर थे और कंपनी लॉन्ग-टर्म EBITDA मार्जिन 25% के लक्ष्य पर कायम है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज (Emkay Global Financial Services) ने भी 'बाय' रेटिंग और टारगेट प्राइस ₹625 कर दिया है, जो 28% के संभावित अपसाइड का संकेत देता है।

वैल्युएशन और कंपटीशन की चिंताएं

इस शानदार ग्रोथ के बावजूद, Lenskart का वैल्युएशन एक बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 218x से 277x के बीच है, जो इंडस्ट्री एवरेज 97x से काफी ज्यादा है। इसी तरह, प्राइस-टू-सेल्स (P/S) रेश्यो करीब 10.3x है, जबकि इंडस्ट्री एवरेज 2.9x है। यह हाई वैल्युएशन भविष्य की मजबूत ग्रोथ पर टिका है। टाइटन कंपनी लिमिटेड (Titan Company Ltd.) जैसे स्थापित प्रतिद्वंद्वी बहुत कम मल्टीपल्स पर ट्रेड करते हैं। Lenskart का भारत के ऑर्गेनाइज्ड आईवियर मार्केट में 30-40% का दबदबा है, लेकिन इसे बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

हाई मल्टीपल्स और मार्जिन प्रेशर के रिस्क

Lenskart का हाई वैल्युएशन एक बड़ा रिस्क है। 200x से ऊपर के P/E रेश्यो और 13x से ऊपर के प्राइस-टू-बुक वैल्यू के साथ, स्टॉक की मौजूदा कीमत सालों तक बेदाग परफॉरमेंस की उम्मीद करती है, जिससे गलती की गुंजाइश बहुत कम बचती है। एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा वैल्युएशन को सही ठहराने के लिए या तो स्टॉक में बड़ी गिरावट या फिर लगातार मजबूत अर्निंग ग्रोथ की जरूरत होगी। कुछ निवेशक लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए थोड़ी हिस्सेदारी रखते हुए मुनाफा बुकिंग पर विचार कर सकते हैं। कंपनी की हाई कैपिटल इंटेंसिटी, जिसमें तिमाही डेप्रिसिएशन ₹287 करोड़ है, फ्री कैश फ्लो और रिटर्न मेट्रिक्स को भी प्रभावित करती है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा मार्केट शेयर और प्राइसिंग को भी प्रभावित कर सकती है। Lenskart की रेवेन्यू ग्रोथ भले ही मजबूत हो, लेकिन साल-दर-साल मुनाफे में गिरावट बढ़ती खर्चों के बीच कमाई की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल खड़े करती है।

भविष्य की संभावनाएं और कंज्यूमर ट्रेंड्स

आगे बढ़ते हुए, Lenskart अपने स्टोर्स का विस्तार जारी रखने और प्रोडक्ट डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग के लिए AI का उपयोग बढ़ाने की योजना बना रही है। छोटे शहरों और टियर-2 बाजारों पर इसका फोकस उन कंज्यूमर्स तक पहुंचने में मदद करेगा जो लगातार अधिक समझदार और वैल्यू-कॉन्शियस बन रहे हैं। भारतीय कंज्यूमर्स 'कैलिब्रेटेड कंजम्पशन' का ट्रेंड दिखा रहे हैं, जो अपनी महत्वाकांक्षाओं और वित्तीय विवेक के बीच संतुलन बना रहे हैं। वे जरूरी चीजों को प्राथमिकता दे रहे हैं और सेलेक्टिव अपग्रेड कर रहे हैं। यह कंजम्पशन पैटर्न बताता है कि Lenskart की प्रीमियमाइजेशन स्ट्रैटेजी और AI के जरिए बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस, अगर कंपनी वैल्युएशन चिंताओं और प्रतिस्पर्धा को मैनेज कर पाती है, तो अच्छी तरह से स्वीकार की जा सकती है। एनालिस्ट्स की रेटिंग्स ज्यादातर पॉजिटिव बनी हुई हैं, और एवरेज टारगेट प्राइस Lenskart की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के प्रति ऑप्टिमिज्म दिखा रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.