निवेशक एग्जिट की अटकलों से शेयर पर दबाव
IPO एंकर निवेशकों (Anchor Investors) की लॉक-इन अवधि (Lock-in Period) जल्द ही समाप्त होने वाली है। इसी के चलते बाजार में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि SoftBank-backed SVF II Lightbulb (Cayman) और Abu Dhabi Investment Authority-backed Platinum Jasmine Trust जैसे शुरुआती निवेशक अपनी करीब 4% हिस्सेदारी बेच सकते हैं।
इस संभावित बड़ी ब्लॉक डील (Block Deal) से शेयर की सप्लाई (Supply) बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे आने वाले समय में स्टॉक पर और दबाव देखने को मिल सकता है।
वैल्यूएशन और मार्केट के हालात
Lenskart का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग $6 बिलियन है और इसका P/E रेश्यो (P/E Ratio) 75x के आसपास है। यह वैल्यूएशन काफी प्रीमियम मानी जाती है, खासकर Titan Eye+ जैसे अधिक स्थापित खिलाड़ियों की तुलना में। 2026 में बढ़ती महंगाई (Inflation) और ब्याज दरें (Interest Rates) निवेशकों को हाई-ग्रोथ वाले व्यवसायों के प्रति अधिक सतर्क बना रही हैं।
यह एग्जिट (Exit) केवल मुनाफावसूली (Profit-taking) के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह कंपनी की भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों में कमी या जोखिम कम करने की रणनीति का संकेत भी हो सकता है। कंपनी के ऑफलाइन रिटेल में आक्रामक विस्तार के लिए बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) की जरूरत है।
Lenskart के लिए यह जरूरी होगा कि वह आने वाले समय में सप्लाई ओवरहैंग (Supply Overhang) को संभाले और अपनी ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखे। मैनेजमेंट को अपनी वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए मुनाफावसूली (Profitability) और मार्केट शेयर ग्रोथ का एक स्पष्ट रोडमैप पेश करना होगा।
