Lenskart Solutions के शेयरों ने इस साल अब तक **43%** की शानदार बढ़त दर्ज की है। मार्केट की सुस्ती के बावजूद, SoftBank जैसे बड़े निवेशकों द्वारा बेचे गए शेयरों को संस्थागत निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू भी **43%** उछला है।
क्या है मार्केट का हाल?
Lenskart Solutions ने मई 2026 में अपना लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद बिकवाली का दबाव देखा था, जिसमें SoftBank और Abu Dhabi Investment Authority ने अपनी हिस्सेदारी कम की थी। लेकिन बाजार ने इसे मजबूती से संभाला और सितंबर 2026 के अंत तक फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 18.26% कर ली है। स्टॉक रखने वाले FPIs की संख्या 311 से बढ़कर 720 हो गई है, जबकि घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने भी अपनी पकड़ मजबूत करते हुए 15.91% हिस्सेदारी कर ली है।
क्यों अलग है Lenskart?
जहाँ एक ओर Nifty 50 और Sensex में इस साल 11.48% और 12.28% की गिरावट आई है, Lenskart का स्टॉक विपरीत दिशा में दौड़ रहा है। इसका मुख्य कारण कंपनी की ग्रोथ है; जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 43% बढ़कर ₹2,710 करोड़ तक पहुंच गया है।
ब्रोकरेज की राय और जोखिम
फिलहाल शेयर अपने अनुमानित 2027 के अर्निंग्स के 127 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services और Emkay Global ने क्रमशः ₹800 और ₹775 का टारगेट दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्टॉक में दम तो है, लेकिन निवेशकों को इसके ऊंचे वैल्यूएशन पर नजर रखनी चाहिए। अब असली चुनौती यह होगी कि क्या कंपनी भविष्य में भी अपनी रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ को इसी रफ्तार से बरकरार रख पाती है या नहीं।
