दमदार नतीजों से Lenskart की बल्ले-बल्ले!
Lenskart Solutions Limited ने अपने निवेशकों को शानदार तोहफा दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ग्रोथ के ट्रैक पर तेजी से आगे बढ़ रही है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 37% का जोरदार इजाफा हुआ और यह ₹2,308 करोड़ पर पहुंच गया।
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने सबको चौंका दिया। EBITDA में 90% का उछाल आया और यह ₹462 करोड़ रहा। मार्जिन में भी ज़बरदस्त सुधार देखा गया, EBITDA मार्जिन 550 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 20.0% हो गया। Pre-Ind AS EBITDA तिगुना होकर ₹265 करोड़ रहा। नतीजतन, नेट प्रॉफिट (PAT) भी तिगुना होकर ₹133 करोड़ पर पहुंच गया। इस फाइनेंशियल ईयर के शुरुआती नौ महीनों (9M FY26) में PAT दोगुना से ज्यादा होकर ₹326 करोड़ रहा, जो कंपनी की लगातार मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है।
भारत और विदेश में शानदार प्रदर्शन
Lenskart का घरेलू बाजार, यानी भारत, ग्रोथ का बड़ा इंजन साबित हुआ। यहाँ रेवेन्यू में 40% की वृद्धि दर्ज की गई। Same Store Sales Growth (SSSG) भी 28% के स्वस्थ स्तर पर रही। कंपनी ने भारत में 55 लाख से ज़्यादा आई टेस्ट किए, जो पिछले साल के मुकाबले 60% ज़्यादा है। फिजिकल स्टोर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी, 169 नए स्टोर खोलकर कुल संख्या 2,439 तक पहुँच गई है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी Lenskart ने दमदार प्रदर्शन किया, जहाँ रेवेन्यू 32.7% बढ़ा। खास बात यह है कि अंतर्राष्ट्रीय ऑपरेशंस अब मुनाफे में आ गए हैं। पोस्ट-रेंट EBITDA मार्जिन पिछले साल के -3.6% के मुकाबले बढ़कर 6.4% हो गया। 9M FY26 में यह मार्जिन 6.1% रहा। कंपनी ने विदेश में 26 नए स्टोर खोलकर कुल 705 स्टोर का नेटवर्क बनाया है।
टेक्नोलॉजी और नए प्रोडक्ट्स पर दांव
Lenskart की सफलता का एक बड़ा कारण टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किया गया भारी निवेश है। AI की मदद से कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाया जा रहा है, जैसे रिमोट ऑप्टोमेट्री, वर्चुअल ट्राई-ऑन और पर्सनलाइज्ड रिकमेन्डेशन। कंपनी का फोकस नए मार्केट्स बनाने पर है, जो 49% भारतीय ग्राहकों के पहली बार आई टेस्ट कराने से ज़ाहिर होता है।
एक बड़ी घोषणा यह भी हुई है कि कंपनी Q4 FY26 में 'B by Lenskart' ब्रांड के तहत स्मार्ट ग्लासेज लॉन्च करेगी। यह वियरेबल टेक्नोलॉजी मार्केट में Lenskart की महत्वाकांक्षा को दिखाता है।
मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती
Lenskart अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को भी मज़बूत कर रहा है। भारत में फ्रेम प्रोडक्शन बढ़ाया जा रहा है और थाईलैंड में एक नया हब भी स्थापित किया जा रहा है। इसका मकसद सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और खासकर साउथ-ईस्ट एशिया में अंतर्राष्ट्रीय विस्तार को सपोर्ट करना है।
कैश फ्लो और भविष्य की रणनीति
9M FY26 में कंपनी ने ₹485 करोड़ का ऑपरेटिंग कैश फ्लो जेनरेट किया, जिसका इस्तेमाल स्टोर्स और मैन्युफैक्चरिंग में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए किया गया। IPO-संबंधित खर्चों के बाद, कंपनी के पास ₹3,978 करोड़ का कैश बैलेंस बचा है।
Lenskart का आउटलुक काफी सकारात्मक है। कंपनी का मानना है कि टेक्नोलॉजी और AI के ज़रिए वह अपनी ग्रोथ जारी रखेगी और ज़्यादा मार्केट शेयर हासिल करेगी। स्मार्ट ग्लासेज का लॉन्च एक बड़ा कदम है जो भविष्य के बाज़ार को देखते हुए उठाया गया है। हालांकि, तेज़ विस्तार और नए प्रोडक्ट्स के लॉन्च में कुछ एग्जीक्यूशन रिस्क भी हैं, जिन पर निवेशकों की नज़र रहेगी।
