Lenskart के शेयर में दमदार तेजी: Q4 के नतीजे आए
Lenskart Solutions के शेयर आज शुरुआती कारोबार में 7% तक चढ़ गए। कंपनी ने Q4 FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जो काफी दमदार रहे। कंपनी ने साल-दर-साल 45.6% की जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो ₹2,516 करोड़ तक पहुंच गई। इस ग्रोथ के पीछे आईवियर यूनिट वॉल्यूम में 25% की बढ़ोतरी और लॉयल्टी प्रोग्राम का सफल होना बताया जा रहा है। कंपनी के नतीजे बाजार की उम्मीदों से करीब 10% बेहतर रहे।
हालांकि, नेट प्रॉफिट में 7.5% की मामूली गिरावट आई और यह ₹203.6 करोड़ रहा। इसका मुख्य कारण कंपोनेंट्स और इन्वेंट्री पर बढ़ा हुआ खर्च है। लेकिन, कंपनी ने ऑपरेशनल मोर्चे पर शानदार सुधार किया है। EBITDA में 83.8% का इजाफा हुआ और यह ₹540 करोड़ तक पहुंच गया। इससे EBITDA मार्जिन पिछले साल के 17% से बढ़कर 21.4% हो गया। वर्टिकल इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी की वजह से बाजार ने इन नतीजों को सकारात्मक रूप से लिया है। आज ट्रेडिंग के पहले 20 मिनट में 9.6 मिलियन से ज्यादा शेयर ट्रेड हुए, जो कि एक बड़ी हलचल का संकेत है।
एनालिस्ट्स का क्या कहना है? एक्सपेंशन की क्या है तैयारी?
Emkay Global Financial Services ने Lenskart Solutions पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस को 4% बढ़ाकर ₹625 कर दिया है। यह मौजूदा भाव से 28% की तेजी का संकेत देता है। फिलहाल, एनालिस्ट्स का औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹551.00 के आसपास है, जो मौजूदा स्तर से 17.42% का अपसाइड दिखा रहा है।
कंपनी तेजी से अपने बिजनेस का विस्तार कर रही है। FY26 में भारत में 542 नए स्टोर खोले गए और FY27 में भी यह रफ्तार जारी रखने की योजना है। Owndays और Lenskart Singapore जैसी विदेशी सब्सिडियरीज में भी निवेश कंपनी की ग्लोबल ग्रोथ की रणनीति को दिखाता है।
वैल्यूएशन की चिंताएं बनी हुई हैं
इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद, Lenskart का वैल्यूएशन निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले बारह महीनों की कमाई के आधार पर कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 273 से 218 के बीच बताया जा रहा है। यह इंडस्ट्री के दूसरे दिग्गजों जैसे Titan Company Ltd. (जिसका P/E रेश्यो 73 से 80 के बीच है) की तुलना में काफी ज्यादा है। Lenskart का प्राइस-टू-सेल्स (P/S) रेश्यो 10.3x भी इंडस्ट्री एवरेज 2.9x से कहीं ज्यादा है।
इस प्रीमियम वैल्यूएशन के साथ, कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) सिर्फ 2.3% और पिछले तीन सालों का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 6.86% रहा है, जो कैपिटल एफिशिएंसी पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, Lenskart पर कोई कर्ज नहीं है, लेकिन इतने ऊंचे वैल्यूएशन मल्टीपल्स को सही ठहराने के लिए कंपनी को लगातार दमदार ग्रोथ दिखानी होगी।
चुनौतियां और भविष्य की राह
Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट में आई कमी की वजह बढ़े हुए ऑपरेशनल खर्चे थे। बाकी कंपनियों के मुकाबले Lenskart का P/E रेश्यो काफी ज्यादा है, जो एक बड़ा वैल्यूएशन रिस्क पैदा करता है। कुछ एनालिस्ट्स ने तो घटते टेक्निकल इंडिकेटर्स और वैल्यूएशन की चिंताओं के कारण Lenskart की रेटिंग को 'Hold' से 'Sell' कर दिया है।
इसके अलावा, कंपनी का कम ROCE और ROE, साथ ही डिविडेंड न देने की पॉलिसी कुछ निवेशकों को आकर्षित नहीं कर सकती है। वर्किंग कैपिटल डेज़ का 24.3 से बढ़कर 67.0 हो जाना भी चिंता की बात है, जिस पर करीब से नजर रखनी होगी। ऐसे में, जब कंज्यूमर मार्केट धीमा हो सकता है, आक्रामक विस्तार और वैल्यूएशन की चुनौतियां भविष्य में स्टॉक की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती हैं।
आगे, Lenskart FY27 में भी तेजी से स्टोर खोलने की अपनी योजना जारी रखेगी। एनालिस्ट्स का मानना है कि प्रीमियम ब्रांडिंग और ओमनीचैनल स्ट्रेटेजी से कंपनी की ग्रोथ जारी रहेगी। FY27 में टेक्नोलॉजी और AI पर कंपनी का फोकस भी भविष्य की परफॉर्मेंस को बढ़ाने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स के टारगेट प्राइस बताते हैं कि अगर Lenskart अपने हाई वैल्यूएशन को मैनेज कर पाती है और लगातार अर्निंग्स ग्रोथ देती है, तो इसमें और तेजी आ सकती है। अनुमान है कि FY29 तक फॉरवर्ड P/E रेश्यो में बड़ी गिरावट आएगी, जिसका मतलब है कि अगर ग्रोथ जारी रहती है तो कमाई वैल्यूएशन के बराबर पहुंच सकती है।
