Lenskart के मुनाफे में 3.7 गुना उछाल! Q1 में ₹228 करोड़ का नेट प्रॉफिट, रेवेन्यू 43% बढ़ा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Lenskart के मुनाफे में 3.7 गुना उछाल! Q1 में ₹228 करोड़ का नेट प्रॉफिट, रेवेन्यू 43% बढ़ा

Lenskart ने शानदार नतीजे पेश किए हैं! कंपनी का नेट प्रॉफिट पहली तिमाही (Q1 FY27) में 3.7 गुना बढ़कर ₹228.4 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू में 43% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।

Lenskart का दमदार तिमाही प्रदर्शन!

आंखों के चश्मे बनाने वाली कंपनी Lenskart Solutions ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹61 करोड़ से बढ़कर ₹228.4 करोड़ पर पहुंच गया है। यह 3.7 गुना की जोरदार बढ़ोतरी है। कंपनी के रेवेन्यू में भी 43% का तगड़ा इजाफा हुआ है और यह ₹2,714.2 करोड़ रहा।

EBITDA मार्जिन में भी सुधार

इस शानदार ग्रोथ के साथ ही Lenskart ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) भी सुधारी है। कंपनी की कमाई ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले (EBITDA) 61.3% बढ़कर ₹589 करोड़ हो गई। इसके चलते EBITDA मार्जिन भी 21.7% तक पहुंच गया, जो बताता है कि कंपनी खर्चों पर बेहतर नियंत्रण बनाए हुए है, भले ही वह विस्तार पर जोर दे रही हो।

घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में ग्रोथ

कंपनी की इस सफलता के पीछे भारत और दूसरे देशों, दोनों बाज़ारों में मिली ग्रोथ का हाथ है। भारत में रेवेन्यू 31% बढ़ा, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में 38% की ग्रोथ देखी गई। भारत में Same-store Sales (एक साल से ज़्यादा पुराने स्टोर की बिक्री) में 18.3% की बढ़त, कंपनी की मौजूदा दुकानों के बेहतर प्रदर्शन का संकेत देती है।

Lenskart Gold मेम्बरशिप का जलवा

कस्टमर लॉयल्टी प्रोग्राम्स (Customer Loyalty Programs) ने भी इस तिमाही में कंपनी की मदद की। Lenskart Gold मेम्बरशिप प्रोग्राम के एक्टिव यूज़र्स की संख्या 31% बढ़कर 93.5 लाख हो गई। यह प्रोग्राम कंपनी की ओमनीचैनल (Omnichannel) रणनीति का अहम हिस्सा है, जो ग्राहकों को बार-बार आने और नियमित खरीद करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

भविष्य की रणनीति और जोखिम

Lenskart अपने सप्लाई चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है, जिसमें हैदराबाद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का विस्तार भी शामिल है। कंपनी अपनी ग्लोबल मौजूदगी भी बढ़ा रही है, जैसे कोरिया में नई सब्सिडियरी खोलना और चीन की मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर Baofeng Framekart में हिस्सेदारी बढ़ाना। हालांकि, इन निवेशों से भविष्य में अच्छी सप्लाई और मार्केट तक पहुंच सुनिश्चित होगी, लेकिन इसके लिए भारी कैपिटल खर्च (Capital Spending) की भी ज़रूरत होगी।

निवेशकों के लिए कुछ जोखिम भी हैं जिन पर नज़र रखनी होगी। अंतर्राष्ट्रीय कारोबार बढ़ने से करेंसी के उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है। इसके अलावा, चश्मे का रिटेल बाज़ार काफी प्रतिस्पर्धी है, इसलिए मुनाफा बनाए रखने के लिए कंपनी को स्टोर खोलने की आक्रामक योजनाएं और प्रमोशनल एक्टिविटीज़ को खर्चों पर नियंत्रण के साथ संतुलित करना होगा। मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल लॉजिस्टिक्स को स्केल करने में भी एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risks) शामिल हैं। रेवेन्यू बेस बढ़ने के साथ, अगले क्वार्टर में इसी तरह की हाई ग्रोथ रेट बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, जिस पर बाज़ार की करीबी नज़र रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.