Lenskart IPO की बंपर कमाई! रेवेन्यू **38%** चमका, PAT **60 गुना** उछला, निवेशकों में खुशी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Lenskart IPO की बंपर कमाई! रेवेन्यू **38%** चमका, PAT **60 गुना** उछला, निवेशकों में खुशी
Overview

Lenskart Solutions Limited ने Q3 FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले **38.2%** बढ़कर **₹23,077.31 मिलियन** हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) एक साल पहले के **₹18.52 मिलियन** से **60 गुना** से भी ज्यादा उछलकर **₹1,127.11 मिलियन** पर पहुंच गया, जो IPO के बाद कंपनी की मजबूत Momentum को दिखाता है।

📈 नतीजों में दमदार उछाल

Q3 FY26 के लिए Lenskart Solutions Limited के नतीजे बेहद शानदार रहे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ऑपरेशन से पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38.2% बढ़कर ₹23,077.31 मिलियन पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹16,688.35 मिलियन था। वहीं, 9 महीने की अवधि में रेवेन्यू 27.9% बढ़कर ₹62,983.31 मिलियन हो गया, जबकि पहले यह ₹49,249.48 मिलियन था।

मुनाफे (Profitability) में तो असाधारण उछाल देखने को मिला। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) Q3 FY25 के ₹18.52 मिलियन से बढ़कर Q3 FY26 में ₹1,127.11 मिलियन हो गया। यह 60 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी है! 9 महीने की अवधि में भी PAT में 284.5% की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹2,973.35 मिलियन रहा, जबकि पिछले साल यह ₹772.06 मिलियन था।

📊 मार्जिन और EPS में सुधार

इस दमदार परफॉरमेंस का असर कंपनी के मार्जिन पर भी साफ दिखा। कंसोलिडेटेड PAT मार्जिन Q3 FY25 के सिर्फ 0.11% से बढ़कर Q3 FY26 में लगभग 4.88% हो गया। 9 महीने की अवधि के लिए भी मार्जिन 1.57% से बढ़कर करीब 4.72% हो गया।

अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी जबरदस्त सुधार हुआ। कंसोलिडेटेड बेसिक EPS Q3 FY26 में ₹0.77 रहा, जो पिछले साल Q3 FY25 में सिर्फ ₹0.01 था। 9 महीने के लिए यह ₹1.74 रहा, जबकि पहले यह ₹0.46 था।

कंपनी ने IPO से जुड़े खर्चों के कारण Q3 FY26 में ₹53.23 मिलियन का एक्सेप्शनल आइटम लॉस (Exceptional Item Loss) दर्ज किया। 9 महीने की अवधि के लिए यह लॉस ₹157.09 मिलियन रहा।

⚠️ नतीजों की गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण जानकारी

हालांकि, कंपनी के नतीजे शानदार हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण बात पर ध्यान देना ज़रूरी है। तुलना के लिए इस्तेमाल किए गए Q3 FY25 और 9MFY25 के आंकड़े अनऑडिटेड (unaudited) और अनरिव्यू (unreviewed) थे। साथ ही, मैनेजमेंट-सर्टिफाइड प्रोफॉर्मा (proforma) वित्तीय जानकारी का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर कोई स्वतंत्र ऑडिट या रिव्यू नहीं हुआ है। ऐसे में, पुराने आंकड़ों की स्वतंत्र जांच न होने के कारण, निवेशकों के लिए ग्रोथ की पूरी और विश्वसनीय तस्वीर को समझना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

🏦 बैलेंस शीट और IPO फंड का इस्तेमाल

31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी की कंसोलिडेटेड एसेट्स ₹139,803.41 मिलियन थीं, जबकि कुल लायबिलिटीज़ ₹54,187.47 मिलियन थीं।

कंपनी ने 31 दिसंबर 2025 तक अपने IPO प्रोसीड्स (IPO proceeds) में से ₹500 मिलियन का इस्तेमाल किया है।

🚩 आगे की राह और मुख्य रिस्क

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क पिछले वित्तीय वर्षों के ऑडिटेड तुलनात्मक आंकड़ों की कमी है। यह समझना भी महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी हाल ही में किए गए महत्वपूर्ण अधिग्रहणों, जैसे Meller (Stellio Ventures S.L.) में 84.21% हिस्सेदारी और QuantDuo Technologies को सब्सिडियरी बनाने, को कितनी अच्छी तरह इंटीग्रेट (integrate) कर पाती है।

आगे चलकर, IPO फंड्स का स्ट्रेटेजिक डिप्लॉयमेंट (strategic deployment), नए अधिग्रहण और कंपनी की रेवेन्यू व PAT ग्रोथ को बनाए रखने की क्षमता पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। आगामी ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट कंपनी की असली वित्तीय सेहत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का बेहतर चित्र पेश करेंगे। कंपनी बोर्ड ने प्रेफरेंस शेयरों (preference shares) को इक्विटी शेयरों में बदलने की मंजूरी भी दी है, जो कैपिटल स्ट्रक्चर को सरल बनाने की ओर एक कदम है।

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