Leica Camera: भारत में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ेगी जर्मन कंपनी, 'कम्युनिटी बिल्डिंग' पर फोकस

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AuthorNeha Patil|Published at:
Leica Camera: भारत में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ेगी जर्मन कंपनी, 'कम्युनिटी बिल्डिंग' पर फोकस

जर्मन कैमरा कंपनी Leica Camera भारत में तेज रिटेल विस्तार के बजाय अपने ग्राहकों के बीच 'कम्युनिटी बिल्डिंग' पर जोर दे रही है। कंपनी भारत को एक बढ़ता हुआ बाजार मानती है, लेकिन ऊंचे इंपोर्ट कॉस्ट और GST के दबाव के बीच मुनाफा कमाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

भारत में Leica की रणनीति:

जर्मनी की जानी-मानी हाई-एंड कैमरा और ऑप्टिकल सिस्टम निर्माता, Leica Camera, भारत में अपनी ग्रोथ के लिए एक नापी-तुली रणनीति अपना रही है। कंपनी परंपरागत तरीके से तेजी से रिटेल स्टोर खोलने के बजाय, फोटोग्राफी और कला के शौकीनों के बीच ग्राहकों से गहरे जुड़ाव और 'कम्युनिटी बिल्डिंग' को प्राथमिकता दे रही है। इसका मतलब है कि कंपनी ज्यादा संख्या में स्टोर खोलने के बजाय ग्राहकों के साथ क्वालिटी इंटरैक्शन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

मौजूदा स्टोर और भविष्य की योजना:

फिलहाल, Leica भारत में FCE Lifestyles Pvt. Ltd. के साथ साझेदारी में काम कर रही है। देश में कंपनी के दो स्टोर हैं, जो दिल्ली और मुंबई में स्थित हैं। कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि बेंगलुरु जैसे शहरों में विस्तार की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है, लेकिन भविष्य में कोई भी नया स्टोर सिर्फ स्थानीय ग्राहक मांग के आधार पर ही खोला जाएगा, न कि आक्रामक रिटेल टारगेट के तहत। कंपनी को उम्मीद है कि भारत में उसका बिजनेस ग्लोबल एवरेज से तेज रफ्तार से बढ़ेगा, हालांकि यह अभी एक छोटे बेस पर है।

लागत और टैक्स का असर:

भारतीय लग्जरी सेगमेंट में काम करने के अपने खास दबाव हैं। Leica को भारी इंपोर्ट ड्यूटी और 18% गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का सामना करना पड़ता है, जो सीधे तौर पर उनके मुनाफे के मार्जिन पर दबाव डालते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ कीमतों में एकरूपता बनाए रखने के लिए, कंपनी इन अतिरिक्त लागतों को खुद वहन कर रही है, जिसके कारण उन देशों की तुलना में मार्जिन कम रहता है जहां टैक्स कम हैं। इसके अलावा, जर्मनी के बाहर निर्मित उत्पादों के सर्टिफिकेशन की रेग्युलेटरी प्रक्रियाएं प्रोडक्ट लॉन्च में देरी कर सकती हैं, हालांकि कंपनी इन्हें अपने बिजनेस के लिए लंबी अवधि की बाधाओं के बजाय ऑपरेशनल हर्डल्स मानती है।

ग्लोबल बिजनेस मॉडल:

दुनिया भर में, Leica ने डिस्ट्रीब्यूटर्स पर बहुत अधिक निर्भर रहने वाले मॉडल से हटकर सीधे ग्राहकों से जुड़ने वाले मॉडल को सफलतापूर्वक अपनाया है। इस बदलाव से ग्लोबल रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो 2025 फाइनेंशियल ईयर तक लगभग €600 मिलियन तक पहुंच गया। कंपनी वर्तमान में ग्लोबली 5% से 7% की स्थिर सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखती है। एशिया पैसिफिक क्षेत्र, जो एक प्रमुख रेवेन्यू जेनरेटर है, वहां 2025 फाइनेंशियल ईयर में बिक्री 7.3% बढ़ी थी। वर्तमान में, दक्षिण पूर्व एशिया सेगमेंट में Leica के बिजनेस का लगभग 5% से 6% हिस्सा भारत से आता है।

खास बाजारों पर फोकस:

ऐसे दौर में जब स्मार्टफोन फोटोग्राफी लगातार एडवांस होती जा रही है, Leica अपनी कोर स्ट्रेंथ, यानी ऑप्टिकल इंजीनियरिंग पर जोर देना जारी रखे हुए है। कंपनी ने Xiaomi के साथ साझेदारी करके स्मार्टफोन के लिए कैमरा सिस्टम प्रदान करने की अपनी पहुंच बढ़ाई है, लेकिन उसका मुख्य बिजनेस फोकस समर्पित फोटोग्राफी उपकरणों पर ही है। मास-मार्केट विज्ञापन में निवेश करने के बजाय, फर्म एक्सक्लूसिव इवेंट्स और पर्सनलाइज्ड कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट पर संसाधन लगाती है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी भारत में अपने मार्जिन प्रेशर को कैसे मैनेज करती है, क्योंकि वह ग्लोबल प्राइस हार्मोनाइजेशन और हाई-टैक्स, हाई-ड्यूटी वाले माहौल में बिजनेस करने की बढ़ती लागत के बीच संतुलन बना रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.