Lalithaa Jewellery IPO: एंकर निवेशकों से ₹508 करोड़ जुटाए, ₹1700 करोड़ के इश्यू से पहले बड़ी राहत

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AuthorAditya Rao|Published at:
Lalithaa Jewellery IPO: एंकर निवेशकों से ₹508 करोड़ जुटाए, ₹1700 करोड़ के इश्यू से पहले बड़ी राहत

Lalithaa Jewellery Mart ने अपने ₹1,700 करोड़ के IPO से ठीक पहले एंकर निवेशकों (Anchor Investors) से ₹508.2 करोड़ जुटाने में सफलता हासिल की है। कंपनी ने यह फंड **₹201** प्रति शेयर के भाव पर जुटाया है।

एंकर निवेशकों का मिला साथ

दक्षिण भारत की जानी-मानी ज्वैलरी रिटेलर Lalithaa Jewellery Mart ने 22 एंकर निवेशकों से ₹508.2 करोड़ की राशि जुटाई है। यह फंडरेज़िंग कंपनी के ₹1,700 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से ठीक पहले हुई है। यह IPO 17 अगस्त से 19 अगस्त, 2026 तक आम निवेशकों के लिए खुलेगा।

एंकर निवेशकों के लिए शेयर का भाव ₹201 प्रति शेयर तय किया गया, जो IPO प्राइस बैंड ₹190–₹201 का ऊपरी स्तर है। इस राउंड में Goldman Sachs, Morgan Stanley और ICICI Prudential AMC की विभिन्न स्कीम्स जैसे ग्लोबल और डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने हिस्सा लिया। रिटेल निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि बड़े फंड्स इस इश्यू पर भरोसा जता रहे हैं।

IPO और विस्तार की योजना

कुल ₹1,700 करोड़ के IPO में ₹1,200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर किरण कुमार जैन द्वारा ₹500 करोड़ तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। कंपनी इस फंड का बड़ा हिस्सा, करीब ₹1,033.2 करोड़, देश भर में 10 नए रिटेल स्टोर खोलने पर खर्च करेगी। फिलहाल कंपनी के दक्षिण भारत के 51 शहरों में 61 स्टोर हैं, और यह विस्तार इसी नेटवर्क को बढ़ाने की योजना का हिस्सा है।

कंपनी के फाइनेंसियल परफॉर्मेंस की बात करें तो, मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में शानदार ग्रोथ देखने को मिली। Lalithaa Jewellery Mart ने ₹1,009.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 177% ज़्यादा है। वहीं, रेवेन्यू 48.1% बढ़कर ₹25,023.9 करोड़ हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹16,897.3 करोड़ था।

मुख्य जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें

कंपनी की मजबूत ग्रोथ के बावजूद, निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए। ज्वैलरी का कारोबार कैपिटल-इंटेंसिव होता है और इसके लिए इन्वेंटरी, खासकर सोना और हीरे के मैनेजमेंट के लिए भारी वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत होती है। कंपनी ने FY26 में निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो दर्ज किया, जिसका कारण सोने की कीमतों में आई तेज़ी और स्टॉक में ज़्यादा निवेश को बताया गया है।

इसके अलावा, यह एक हाईली कॉम्पिटिटिव मार्केट है जहाँ बड़े नेशनल चेन्स के साथ-साथ छोटे रीजनल प्लेयर्स भी मौजूद हैं। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे कंज्यूमर डिमांड और कंपनी के इन्वेंटरी वैल्यू को प्रभावित कर सकता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कंपनी अतीत में इनकम टैक्स सर्च और सीज़र प्रोसीडिंग्स का सामना कर चुकी है। ऐसे मामलों के नतीजे और संबंधित रेगुलेटरी या लीगल मुद्दे कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

IPO के अगले चरण में रिटेल सब्सक्रिप्शन 17 अगस्त को शुरू होगा। शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 24 अगस्त, 2026 को होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.