एलटी फूड्स लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में एक मजबूत प्रदर्शन की सूचना दी है, जिसमें समेकित परिचालन राजस्व ₹2,809.20 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही (Q3 FY25) के ₹2,274.81 करोड़ से 23.58% की महत्वपूर्ण वृद्धि है। समेकित इकाई के लिए कर पश्चात लाभ (PAT) में 8.23% की वृद्धि देखी गई, जो ₹1,573.52 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹1,453.85 करोड़ था।
तिमाही-दर-तिमाही (Q-o-Q) आधार पर, राजस्व 1.57% बढ़कर ₹2,765.74 करोड़ हो गया, जबकि PAT में ₹1,638.54 करोड़ से 3.97% की मामूली कमी आई। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों के लिए, समेकित राजस्व ₹8,038.85 करोड़ था और PAT ₹4,897.10 करोड़ था।
Q3 FY26 के लिए मूल और पतला प्रति शेयर आय (EPS) ₹4.53 थी, जो Q3 FY25 में रिपोर्ट किए गए ₹4.13 से 9.44% की साल-दर-साल वृद्धि दर्शाती है।
🚩 जोखिम और दृष्टिकोण
कंपनी दो महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का सामना कर रही है जो काफी अनिश्चितता पैदा करते हैं। पहला, अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने अपनी सहायक कंपनी, इकोप्योर स्पेशलिटीज लिमिटेड (Ecopure Specialities Limited), के जैविक सोयाबीन भोजन के निर्यात पर 340.27% का प्रतिसंतुलन शुल्क (CVD) लगाने का प्रारंभिक निर्धारण किया है, जो लगभग ₹50 करोड़ के निर्यात को प्रभावित करता है। हालांकि एलटी फूड्स का कहना है कि इकोप्योर की एक मजबूत कानूनी स्थिति है और कोई भौतिक प्रभाव अपेक्षित नहीं है, यह शुल्क उस खंड की लाभप्रदता और निर्यात व्यवहार्यता के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करता है।
दूसरा, सहायक कंपनी दावत फूड्स लिमिटेड (Daawat Foods Limited) से जुड़ा एक लंबे समय से चल रहा बीमा दावे का मुकदमा देखा गया है, जिसमें बीमा कंपनी ने ₹2,650.35 करोड़ जमा किए हैं। यह राशि प्राप्त हो चुकी है और उच्च न्यायालय के अंतिम फैसले तक देनदारी के रूप में दर्ज की गई है। प्रबंधन वसूली के लिए आश्वस्त है, लेकिन कानूनी अनिश्चितताओं के कारण ₹1,500.33 करोड़ की अतिरिक्त राशि को मान्यता नहीं दी गई है। यह बड़ी, आकस्मिक राशि, अंतिम निर्णय के आधार पर, भविष्य के परिणामों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है।
📈 अन्य मुख्य विकास
एलटी फूड्स अमेरिका इंक. (LT Foods Americas Inc.) ने गोल्डन स्टार ट्रेडिंग इंक. (Golden Star Trading Inc.) में शेष 49% हिस्सेदारी 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (₹128.50 करोड़) में अधिग्रहित की है, जिससे यह एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है। इस पुनर्मूल्यांकन पर ₹5.62 करोड़ का एक अनंतिम लाभ दर्ज किया गया था।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश भी घोषित किया। बोर्ड ने मेसर्स प्रोटिविटी इंडिया मेंबर प्राइवेट लिमिटेड (M/s Protiviti India Member Private Limited) के आंतरिक लेखा परीक्षकों (Internal Auditors) के रूप में इस्तीफे को भी मंजूरी दे दी और सुश्री नेहा शर्मा को, EY की सहायता से, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक नई आंतरिक लेखा परीक्षक के रूप में नियुक्त किया।
इस घोषणा में कोई विशिष्ट भविष्य के वित्तीय मार्गदर्शन या दृष्टिकोण प्रदान नहीं किया गया था, जिससे निवेशकों को उपरोक्त जोखिमों के समाधान पर नजर रखनी होगी।