L'Oréal के CEO Nicolas Hieronimus ने भारत में फिलहाल नए अधिग्रहणों (Acquisitions) को रोकने का ऐलान किया है। कंपनी का पूरा ध्यान अब हाल ही में खरीदी गई Innovist ब्रांड के इंटीग्रेशन और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने पर है।
अधिग्रहण नहीं, अब इंटीग्रेशन पर जोर
L'Oréal ने अपनी भारतीय रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। हाल ही में Onesto Labs (Innovist की पैरेंट कंपनी) को खरीदने के बाद, CEO Nicolas Hieronimus ने संकेत दिए हैं कि कंपनी निकट भविष्य में और कोई बड़ी खरीदारी नहीं करेगी। अब उनका पूरा फोकस Bare Anatomy, Chemist at Play और SunScoop जैसे ब्रांड्स को अपने मुख्य कारोबार के साथ जोड़ने पर है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कैसे कंपनी इन डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स की तेजी को अपने बड़े ऑपरेशंस के साथ तालमेल बिठाती है।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब
कंपनी नए प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने के बजाय अपनी मौजूदा फैसिलिटी की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। मौजूदा स्थिति यह है कि भारत में बिकने वाले 95% प्रोडक्ट्स यहीं तैयार किए जाते हैं। इतना ही नहीं, भारत अब कंपनी के लिए एक एक्सपोर्ट हब भी बन गया है, जहाँ से करीब 20% प्रोडक्शन दूसरे मार्केट्स में भेजा जा रहा है।
कंपनी के लिए भारत टॉप-7 ग्लोबल मार्केट्स में शामिल हो चुका है। हैदराबाद में हाल ही में खुला टेक्नोलॉजी हब न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि यहाँ बनी टेक्नोलॉजी और फॉर्मूलेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ले जाया जाएगा।
बाजार में चुनौतियां
हालांकि, ऑर्गेनिक ग्रोथ का रास्ता अपनाने से अधिग्रहण का रिस्क तो कम हुआ है, लेकिन कॉम्पिटिशन का दबाव बना हुआ है। ब्यूटी सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखते हुए प्रोडक्शन स्केल करना होगा। निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी डिमांड में होने वाले उतार-चढ़ाव को कैसे संभालती है और अपनी इस नई रणनीति पर कितनी सफल होती है।
