फ्रेंच ब्यूटी दिग्गज L'Oreal भारत में क्विक कॉमर्स और डिजिटल-फर्स्ट रणनीति के दम पर दोहरे अंकों (double-digit) की ग्रोथ दर्ज कर रही है। कंपनी CeraVe जैसे प्रीमियम ब्रांड्स को तेजी से फैला रही है और Nykaa के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रही है।
बाजार पर पकड़ और ग्रोथ की रफ्तार
L'Oreal ने भारत में अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से रीकैलिब्रेट किया है। कंपनी की भारतीय यूनिट्स शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, जिसने दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका रीजन की 19.2% की ग्रोथ में बड़ा योगदान दिया है। यह सफलता कंपनी के उस आक्रामक फैसले का नतीजा है, जिसमें उन्होंने क्विक कॉमर्स के जरिए ग्राहकों तक तुरंत पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
क्विक कॉमर्स और डर्मेटोलॉजिकल ब्यूटी
कंपनी की नई रणनीति का मुख्य केंद्र 'क्विक कॉमर्स' है। L'Oreal अपने डर्मेटोलॉजिकल ब्रांड्स जैसे CeraVe और La Roche-Posay को इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के जरिए ग्राहकों तक पहुंचा रही है ताकि डिमांड और खरीद के बीच की दूरी कम हो सके। इतना ही नहीं, कंपनी ने Innovist (Bare Anatomy और Chemist at Play की ओनर) का अधिग्रहण करके भारतीय मार्केट की गहरी समझ हासिल की है। साथ ही, कंपनी का फंड BOLD अब Nykaa के साथ मिलकर नए स्टार्टअप्स में निवेश कर रहा है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भले ही L'Oreal भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसका आक्रामक विस्तार स्थानीय कंपनियों के लिए चुनौती लेकर आया है। Honasa Consumer (Mamaearth) और Zydus Wellness जैसी कंपनियों के लिए यह मुकाबला और कठिन हो गया है। वहीं, Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स को इस साझेदारी से ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में बड़ा फायदा हो रहा है।
जोखिम और चुनौतियां
इतनी तेजी से विस्तार करने के साथ ही मार्जिन पर दबाव का जोखिम भी बना हुआ है। क्विक कॉमर्स में डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग की लागत काफी अधिक होती है, जो मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। अब देखना यह होगा कि कंपनी भारत जैसे कीमत-संवेदनशील (price-sensitive) मार्केट में अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे बरकरार रखती है।
