एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **15.5%** बढ़कर **₹7,233 करोड़** हो गया, जबकि प्रीमियम होम अप्लायंस और बड़े स्क्रीन वाले टीवी की मांग बढ़ने से प्रॉफिट में **27.2%** की जोरदार बढ़ोतरी हुई है।
प्रीमियम प्रोडक्ट्स ने बढ़ाई कमाई!
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत दमदार की है। जून तिमाही में कंपनी ने ₹7,233 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15.5% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 27.2% बढ़कर ₹653 करोड़ पर पहुंच गया। मैनेजमेंट की माने तो यह ग्रोथ प्रीमियम होम अप्लायंस और बड़े स्क्रीन वाले टीवी की ज़बरदस्त डिमांड के चलते हुई है। कंपनी ने खास तौर पर साइड-बाई-साइड रेफ्रिजरेटर और बड़े कैपेसिटी वाले वॉशिंग मशीन जैसे प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाया है, जिनका फायदा अब नतीजों में दिख रहा है।
होम एंटरटेनमेंट सेगमेंट, जिसमें टीवी और मॉनिटर शामिल हैं, में भी रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखी गई। कंज्यूमर बड़े डिस्प्ले वाले OLED और QNED टीवी की ओर बढ़ रहे हैं, जिनसे कंपनी को बेहतर मार्जिन मिल रहा है। इस तिमाही में हुए स्पोर्ट्स इवेंट्स ने भी टीवी की बिक्री को बढ़ावा दिया।
लागत बढ़ने के बावजूद मार्जिन में सुधार
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट कटिंग पर ध्यान देने से कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ है। यह पिछले साल के 11.4% से बढ़कर 12.5% हो गया है। यह तब हुआ जब कमोडिटी की कीमतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियाँ थीं। कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का बेहतर इस्तेमाल करते हुए प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखा।
श्री सिटी प्लांट में ₹5,000 करोड़ का निवेश
एलजी इंडिया के लिए श्री सिटी स्थित मैन्युफैक्चरिंग हब का विस्तार एक बड़ी स्ट्रैटेजिक मूव है। कंपनी इस प्लांट में लगभग ₹5,000 करोड़ का निवेश कर रही है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद कंप्रेसर और एयर कंडीशनर का प्रोडक्शन बढ़ाना और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना है।
कंपनी अपनी लोकलाइजेशन (स्थानीय उत्पादन) को 55.2% (FY26 तक) तक बढ़ाना चाहती है, जिससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम होगी और सप्लाई चेन पर बेहतर कंट्रोल मिलेगा। उम्मीद है कि श्री सिटी प्लांट से FY27 की तीसरी तिमाही तक कंप्रेसर का प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। शेयरहोल्डर्स के लिए इस प्लांट का समय पर पूरा होना भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम होगा।
आगे का रास्ता और रिस्क
इस नतीजों के बाद शेयर बाजार में एलजी इंडिया के शेयर में लगभग 10% की तेजी देखी गई। हालांकि, कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में आगे कुछ चुनौतियां बनी रह सकती हैं, जैसे कि कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव और इंपोर्टेड रॉ मैटेरियल की लागत पर करेंसी का असर। इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए इनोवेशन में लगातार निवेश भी ज़रूरी होगा। कंपनी की अगली तिमाही की परफॉर्मेंस इस बात पर निर्भर करेगी कि वह प्रीमियम स्ट्रैटेजी, कॉस्ट मैनेजमेंट और विस्तार योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू कर पाती है।
