LG Electronics India ने नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत की है! कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पहली तिमाही में **15.5%** बढ़कर **₹72.33 बिलियन** हो गया है। प्रीमियम अप्लायंसेस और टीवी की ज़बरदस्त डिमांड के चलते नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भी **27.2%** की उछाल आई है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद, ब्रोकरेज फर्म Nomura ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹1,983** कर दिया है।
प्रीमियम प्रोडक्ट्स की धूम, मार्जिन में आई बहार
LG Electronics India (LGEINDIA) ने नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत की है। कंपनी का पहली तिमाही (Q1 FY27) का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15.5% बढ़कर ₹72.33 बिलियन दर्ज किया गया है। वहीं, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 27.2% की ज़ोरदार उछाल के साथ ₹6.53 बिलियन तक पहुंच गया। प्रतिस्पर्धी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मार्केट में लागत को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के कारण कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में भी सुधार हुआ है।
इस तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन 12.5% तक पहुंच गए। इसका मुख्य कारण ग्राहकों का प्रीमियम और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ता रुझान है। लोग अब ज़्यादातर हाई-एंड वॉशिंग मशीन और 55 इंच से बड़े वाले प्रीमियम टेलीविज़न खरीद रहे हैं। होम एंटरटेनमेंट सेगमेंट में, ये बड़े और प्रीमियम स्क्रीन वाले टीवी कंपनी के रेवेन्यू का लगभग आधा हिस्सा बन चुके हैं। इन महंगे प्रोडक्ट्स की ज़्यादा बिक्री से कंपनी को रॉ मैटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अपने मार्जिन को बनाए रखने में मदद मिल रही है।
होम अप्लायंसेज डिवीजन ने अकेले 14% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि इस सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन कंपनी के मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता बताती है कि ब्रांड डिफरेंशिएशन और प्रोडक्ट क्वालिटी पर उसका फोकस ग्राहकों को पसंद आ रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाले फेस्टिव सीजन में भी प्रीमियम और फीचर-रिच प्रोडक्ट्स की यह मांग जारी रहेगी।
एक्सपोर्ट में तेजी और प्रोडक्शन का विस्तार
घरेलू बिक्री के अलावा, एक्सपोर्ट भी कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ एरिया बनकर उभरा है, जिसमें तिमाही के दौरान 30% की वृद्धि देखी गई। यह कंपनी के लिए रेवेन्यू स्ट्रीम को डायवर्सिफाई करने की एक स्ट्रैटेजिक पहल है। इस ग्रोथ प्लान के केंद्र में कंपनी की श्री सिटी स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है। प्लांट में प्रोडक्शन बढ़ाने की योजनाएं ज़ोरों पर हैं, जिसके तहत तीसरी तिमाही में कंप्रेसर और चौथी तिमाही (FY27) तक एयर कंडीशनर का प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।
यह विस्तार स्थानीय उत्पादन (localization) को बढ़ावा देने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। भारत में ज़्यादा कंपोनेंट्स का उत्पादन करके, कंपनी ग्लोबल सप्लाई चेन पर अपनी निर्भरता कम कर सकती है और लागत को अधिक कुशलता से प्रबंधित कर सकती है। वर्तमान में, कंपनी अपने लगभग 55% कंपोनेंट्स का उत्पादन स्थानीय स्तर पर करती है और अगले कुछ वर्षों में इसे 65% तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
ब्रोकरेज की राय और आगे के रिस्क
इन नतीजों के बाद, ब्रोकरेज फर्म Nomura के एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा है और टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹1,983 कर दिया है। ब्रोकरेज ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कंपनी का प्रदर्शन उम्मीदों से बेहतर रहा है और यह व्यवसाय विकास की गति बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में है, बशर्ते प्रीमियम आइटम्स की मांग स्थिर बनी रहे।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर बाहरी कारकों के प्रति बहुत संवेदनशील होता है। भविष्य का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी संभावित सप्लाई चेन में व्यवधानों, रॉ मैटेरियल की कीमतों में अस्थिरता और भारतीय बाज़ार में अन्य प्रमुख खिलाड़ियों के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रख पाती है या नहीं। श्री सिटी प्रोडक्शन लाइन्स का आगामी कमीशनिंग एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट होगा जिस पर नज़र रखने की आवश्यकता है, क्योंकि किसी भी देरी से कंपनी के एक्सपोर्ट टारगेट और लागत-बचत के लक्ष्यों पर असर पड़ सकता है।
