LG Electronics India (LGE India) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही, जो 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई, के नतीजे घोषित किए हैं। इस अवधि में कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 6.4% की कमी आई है, जो ₹41.14 अरब रहा। पिछले साल यह आंकड़ा ₹43.96 अरब था। लाभप्रदता (Profitability) के मोर्चे पर स्थिति और भी गंभीर रही, क्योंकि EBITDA ₹3.40 अरब से घटकर ₹1.96 अरब रह गया। नतीजतन, EBITDA मार्जिन में भी काफी गिरावट आई, जो पिछले साल के लगभग 7.7% से घटकर 4.8% पर आ गया।
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तो भारी गिरावट दर्ज की गई, यह ₹2.33 अरब से फिसलकर ₹0.90 अरब पर आ गया, जो पिछले साल की तुलना में 61.4% की भारी गिरावट है। कंपनी के मैनेजमेंट ने इस कमजोर प्रदर्शन के पीछे कई प्रमुख कारणों का जिक्र किया है। इनमें फेस्टिव सीजन के बाद उम्मीद से कम मांग, कॉपर और एल्यूमीनियम जैसी प्रमुख कमोडिटीज (Commodities) की लागत में बढ़ोतरी, और प्रतिकूल करेंसी मूवमेंट्स (Currency Headwinds) शामिल हैं। कंपनी ने अपनी लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखने के लिए कीमतें न बढ़ाने का फैसला किया।
भविष्य की राह: एक्सपोर्ट ग्रोथ पर फोकस
इन मौजूदा चुनौतियों के बावजूद, LGE India भविष्य की ग्रोथ के लिए एक स्पष्ट रणनीति बना रही है। कंपनी अगले फाइनेंशियल ईयर में अपने एक्सपोर्ट को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 'मेक इन इंडिया' (Make in India) रणनीति का लाभ उठाया जाएगा, साथ ही एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी FY26 के अंत तक चालू हो जाएगा। कंपनी दो-तरफा (Two-track) दृष्टिकोण अपनाएगी: एक ओर प्रीमियम उत्पादों के पोर्टफोलियो को मजबूत करना, वहीं दूसरी ओर 'LG Essential' लाइनअप को भी विस्तार देना। इसके अतिरिक्त, B2B सेगमेंट में पैठ बढ़ाना और अपने हाई-मार्जिन वाले नॉन-हार्डवेयर (AMC) बिज़नेस को स्केल-अप करना भी कंपनी की प्रमुख रणनीतियों में शामिल है। कंपनी को उम्मीद है कि Q4 FY26 में नए BEE रेटिंग्स, मांग में निरंतरता, प्रोडक्ट इनोवेशन और प्रभावी लागत प्रबंधन (Cost Management) प्रयासों से कंपनी को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।