LG India का रिकॉर्ड रेवेन्यू, पर मुनाफे में आई गिरावट
LG Electronics India के लिए बीता वित्तीय वर्ष का चौथा क्वार्टर मिला-जुला रहा। कंपनी ने इस तिमाही में ₹8,054 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 8.1% ज्यादा है।
हालांकि, मार्जिन पर दबाव के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट 8% घटकर ₹11.7% रह गया। EBITDA मार्जिन 240 बेसिस पॉइंट सिकुड़ गया। निवेशकों की चिंता यह है कि क्या LG बढ़ती इनपुट लागतों और रुपये की अस्थिरता के बीच प्रीमियम कीमतों को बनाए रख पाएगी। इस वजह से बड़े टीवी और हाई-एंड रेफ्रिजरेटर जैसे प्रोडक्ट्स की बिक्री प्रभावित हुई है।
'मेक-इन-इंडिया' पर फोकस
दूसरे कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की तुलना में LG India एक मजबूत स्थिति में है, लेकिन चुनौतियों का सामना कर रही है। Whirlpool, Godrej और Voltas जैसी कंपनियां भी इसी तरह की आर्थिक मुश्किलों से जूझ रही हैं। LG अपनी 'मेक-इन-इंडिया, मेक-इंडिया-ग्लोबल' रणनीति पर जोर दे रही है, जिसका मकसद 22 देशों में एक्सपोर्ट बढ़ाना है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर निर्भरता कंपनी को कंज्यूमर खर्च में बदलावों के प्रति संवेदनशील बनाती है।
एनालिस्ट्स की राय और जोखिम
विश्लेषकों का मानना है कि LG के Essential Series और पॉपुलर 5-स्टार AC मॉडल मार्जिन को ठीक करने में मदद करेंगे। हालांकि, हालिया नतीजों ने दिखाया है कि मुनाफा कमाना महंगा होता जा रहा है। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है, लेकिन बढ़ती मटेरियल कॉस्ट और घटते ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन से यह संकेत मिलता है कि महंगाई का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो रहा है।
यह स्टॉक अभी अपने बुक वैल्यू के 13 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो एक प्रतिस्पर्धी बाजार में परफेक्ट एग्जीक्यूशन की उम्मीद दिखाता है। प्रीमियम सेगमेंट की डिमांड में किसी भी तरह की मंदी या एक्सपोर्ट वॉल्यूम बढ़ाने में विफलता स्टॉक के वैल्यूएशन को और गिरा सकती है।
भविष्य की योजनाएं
मैनेजमेंट का लक्ष्य FY27 तक बिक्री में मिड-टीन ग्रोथ हासिल करना है। इसके लिए प्रोडक्ट रेंज का विस्तार और एफिशिएंसी में सुधार किया जाएगा। लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस और करेंसी रिस्क को कम करने की कोशिशों के बीच, कंपनी अपनी मार्केट लीडरशिप बनाए रख पाएगी या नहीं, यह देखना अहम होगा। ज़्यादातर एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा स्टॉक प्राइस में गिरावट मार्जिन संबंधी समस्याओं की एक अस्थायी प्रतिक्रिया है, न कि कंपनी की ग्रोथ के लिए दीर्घकालिक समस्या का संकेत।
