Goldman Sachs ने LG Electronics India पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है, साथ ही ₹1,750 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मौजूदा स्तरों से करीब 13% की मजबूती का संकेत देता है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी इंडस्ट्री ग्रोथ से बेहतर प्रदर्शन करेगी, जिसका मुख्य कारण प्रीमियम सेगमेंट में बढ़ती मांग और 'Global South' एक्सपोर्ट-लड़ ग्रोथ स्ट्रैटेजी है। हालांकि, यह उम्मीद कंपनी की हालिया दिसंबर तिमाही (Q4) की रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत है। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 61.6% गिरकर ₹89.6 करोड़ पर आ गया, जबकि रेवेन्यू 6.4% घटकर ₹4,114.3 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी घटकर 4.8% रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 7.8% था। यह गिरावट डिमांड में नरमी और इनपुट कॉस्ट (उत्पादन लागत) में बढ़ोतरी के कारण हुई।
कंपनी का कहना है कि प्रॉफिट में आई इस गिरावट की वजह त्योहारी सीजन के बाद डिमांड में आई कमी, खास तौर पर कंप्रेसर-आधारित प्रोडक्ट्स की धीमी बिक्री, और तांबा (copper) व एल्युमीनियम (aluminum) जैसी कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी और रुपए (rupee) के कमजोर होने को माना जा रहा है। इन वजहों से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म बुलिश (bullish) है, लेकिन यह मार्जिन प्रेशर निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। Voltas जैसी दूसरी कंपनियों ने भी प्रॉफिट में गिरावट की रिपोर्ट दी है, लेकिन LG India के मुकाबले उनके मार्जिन पर शायद कम दबाव पड़ा है। पिछले पांच सालों में LG India की रेवेन्यू ग्रोथ (9.18%) इंडस्ट्री की औसत ग्रोथ (16.16%) से काफी पीछे रही है। इन चुनौतियों के बावजूद, LG India का शेयर ₹1,552 के आसपास ट्रेड कर रहा है और अपने 52-हफ्ते के हाई (₹1,749) के करीब है।
LG Electronics India अपनी पैरेंट कंपनी की 'Global South' स्ट्रेटेजी के तहत एक महत्वपूर्ण एक्सपोर्ट हब (export hub) बनने की राह पर है। कंपनी अगले फाइनेंशियल ईयर (financial year) में अपने एक्सपोर्ट को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए कंपनी इंडिया-यूरोपियन यूनियन (EU) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और अमेरिका (US) द्वारा टैरिफ (tariff) में संभावित कटौती का फायदा उठाने की योजना बना रही है। इस एक्सपोर्ट एजेंडा को सपोर्ट करने के लिए, LG आंध्र प्रदेश के श्री सिटी (Sri City) में ₹5,001 करोड़ का तीसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है, जो नवंबर 2026 तक चालू हो जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारत की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का फायदा उठाकर इंटरनेशनल मार्केट्स को सर्व करना है। कंपनी के ग्लोबल CEO, विलियम चो (William Cho) ने कहा है कि भारत इस स्ट्रेटेजी के केंद्र में है और विजन 'make for India, make in India and make India global' है।
एक्सपोर्ट और प्रीमियम स्ट्रैटेजी से ग्रोथ की उम्मीदों के बावजूद, कंपनी के सामने एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) भी बड़े हैं। कंपनी के शेयर 8% तक गिर गए थे जब 12 फरवरी 2026 को दिसंबर तिमाही के खराब नतीजे आए थे, ठीक वैसे ही जैसे नवंबर 2025 में पिछले नतीजों के बाद हुआ था। LG India का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो, जो 47.5 से 58.9x के बीच है, भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (consumer durables) इंडस्ट्री के औसत 41x के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) 45.23% अच्छा है, लेकिन प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर निर्भरता और बढ़ती प्रतिस्पर्धा व अस्थिर इनपुट कॉस्ट से निपटना बड़ी चुनौती है। पिछले पांच सालों में कंपनी के मार्केट शेयर (market share) में भी गिरावट आई है, जो इंडस्ट्री की कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाता है।
कुल मिलाकर, एनालिस्ट (analysts) का सेंटिमेंट (sentiment) काफी पॉजिटिव (positive) बना हुआ है, जिसमें ज्यादातर एनालिस्ट 'Buy' या 'Strong Buy' की सलाह दे रहे हैं। 20 से ज्यादा एनालिस्ट इस स्टॉक को ट्रैक कर रहे हैं, और उनके कंसेंसस प्राइस टारगेट (consensus price targets) अक्सर ₹1,750 के पार होते हैं, जो 12% से 23% तक का अपसाइड पोटेंशियल (upside potential) दिखाते हैं। ICICI Securities और Motilal Oswal जैसे फर्म्स ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, जो नियर-टर्म (near-term) दबाव को स्वीकार करते हैं लेकिन LG India की मार्केट लीडरशिप और स्ट्रेटेजिक पहलों के आधार पर ऑप्टिमिस्टिक (optimistic) हैं। कंपनी का B2B सेगमेंट (B2B segment) को बढ़ाना, हाई-मार्जिन AMC बिजनेस (AMC business) को स्केल करना, और 'Make in India' व 'Make India Global' स्ट्रेटेजी का लाभ उठाना भविष्य के परफॉरमेंस (performance) के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसके साथ ही, भारतीय कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के 2034 तक USD 158.4 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।
