LG Electronics India ने Q1FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **15.5%** बढ़कर **₹7,233 करोड़** रहा और नेट प्रॉफिट में **27.2%** का इजाफा दर्ज किया गया है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग के दम पर स्टॉक पिछले एक महीने में **12%** चढ़ चुका है, हालांकि **44-45** के ऊंचे वैल्यूएशन पर निवेशक अब सतर्क नजर आ रहे हैं।
मुनाफे की रफ्तार और मार्जिन में सुधार
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 27.2% बढ़कर ₹653 करोड़ पर पहुंच गया है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस के कारण EBITDA मार्जिन 106 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 12.5% हो गया है।
प्रीमियम स्ट्रैटेजी का कमाल
कंपनी ने इस बार 'प्रीमियमाइजेशन' की रणनीति पर दांव लगाया, जो सफल रही। बड़े स्क्रीन वाले टेलीविजन और होम अप्लायंसेज जैसे रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर की बिक्री में मजबूत उछाल देखने को मिला। इससे प्रति यूनिट सेल पर कंपनी को बेहतर मुनाफा कमाने में मदद मिली है।
वैल्यूएशन और सावधानी
शानदार नतीजों के बाद शेयर में 12% की तेजी आई है, लेकिन अब निवेशकों के बीच वैल्यूएशन को लेकर चर्चा तेज है। स्टॉक फिलहाल FY28 की अनुमानित कमाई के 44-45 गुना पर ट्रेड कर रहा है। जहां कुछ एक्सपर्ट्स कंपनी की लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर बुलिश हैं, वहीं कई विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि मौजूदा तेजी में ये अच्छे नतीजे पहले ही 'प्राइस-इन' हो चुके हैं।
रिस्क फैक्टर्स जिन पर रखें नजर
ग्रोथ के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी सामने हैं:
- रॉयल्टी पेमेंट्स: ग्लोबल पेरेंट कंपनी को होने वाले रॉयल्टी भुगतान पर रेगुलेटरी नजर रहती है।
- लीगल लायबिलिटीज: टैक्स और एक्साइज से जुड़े पुराने कानूनी मामले कंपनी के लिए वित्तीय रिस्क बने हुए हैं।
- ऑपरेशनल रिस्क: श्री सिटी प्लांट का विस्तार और इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले 4 साल में लोकलाइजेशन को 65% तक ले जाने का है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
