Kolkata Restaurants: अब देर रात तक खुली रहेंगी दुकानें, त्योहारों पर 4 बजे तक की मांग

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Kolkata Restaurants: अब देर रात तक खुली रहेंगी दुकानें, त्योहारों पर 4 बजे तक की मांग

Kolkata के रेस्टोरेंट और बार्स के लिए अच्छी खबर! नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने पश्चिम बंगाल सरकार से नियमित दिनों में रात 2 बजे और त्योहारों पर सुबह 4 बजे तक दुकानें खोलने की इजाजत मांगी है। यह कदम राज्य की 2026 की इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत 24/7 इकोनॉमिक एक्टिविटी को बढ़ावा देने की योजना के अनुरूप है।

क्या हैं रेस्टोरेंट एसोसिएशन की मांगें?

नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने कोलकाता के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए ऑपरेटिंग आवर्स (Operating Hours) में बदलाव की जोरदार वकालत की है। एसोसिएशन ने प्रस्ताव दिया है कि लाइसेंस्ड रेस्टोरेंट और बार्स को सामान्य दिनों में रात 2 बजे तक और नए साल की पूर्व संध्या (New Year’s Eve) और क्रिसमस ईव (Christmas Eve) जैसे प्रमुख त्योहारों पर सुबह 4 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी जाए।

राज्य सरकार की 2026 पॉलिसी से जुड़ा प्रस्ताव

यह मांग पश्चिम बंगाल सरकार की 2026 की आर्थिक योजना के साथ मेल खाती है। हालिया राज्य बजट में, सरकार ने खुदरा, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में 24/7 ऑपरेशंस को बढ़ावा देकर निवेश-अनुकूल माहौल बनाने का संकेत दिया था। अगस्त 2026 में NRAI और राज्य के अधिकारियों के बीच हुई चर्चाओं में लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने और क्लबों, रेस्टोरेंट व लाउंज के लिए नियमों को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

फायर सेफ्टी और अन्य नियम, बड़ी चुनौती

हालांकि इंडस्ट्री इन एक्सटेंडेड टाइमिंग्स को रेवेन्यू बढ़ाने का एक बड़ा जरिया मान रही है, लेकिन इस सेक्टर को कई ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कोलकाता में कड़े रेगुलेटरी माहौल एक बड़ी चिंता बनी हुई है। हाल ही में कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) द्वारा फायर सेफ्टी नियमों के अनुपालन को लेकर की गई कार्रवाई, जिसके कारण साल की शुरुआत में कई रूफटॉप रेस्टोरेंट बंद करने पड़े थे, हॉस्पिटैलिटी बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। ये रेगुलेटरी कदम, विस्तार और विस्तारित ऑपरेशंस को कड़े सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों के साथ संतुलित करने में प्रतिष्ठानों को आने वाली चुनौतियों को उजागर करते हैं।

लाइसेंसिंग और सप्लाई चेन की समस्याएं

इसके अलावा, इंडस्ट्री अधिक कुशल नौकरशाही प्रक्रियाओं की भी मांग कर रही है। NRAI ने नए आउटलेट्स पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए 90 दिनों के भीतर लाइसेंस मंजूरी का लक्ष्य रखते हुए, एक्साइज लाइसेंस के लिए एक समय-सीमा प्रणाली का अनुरोध किया है। ऐतिहासिक रूप से, इस क्षेत्र के व्यवसायों को सप्लाई चेन की अस्थिरता से भी निपटना पड़ा है, जैसे कि 2026 की शुरुआत में वाणिज्यिक ईंधन की कमी ने ऑपरेशंस को प्रभावित किया था।

सरकार का अंतिम फैसला क्या होगा?

राज्य सरकार का अंतिम निर्णय एक्साइज (Excise) और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन से संभावित रेवेन्यू की सावधानीपूर्वक समीक्षा पर निर्भर करेगा। देर रात के ऑपरेशंस के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को भी ध्यान में रखा जाएगा। निवेशक और व्यावसायिक हितधारक इन नीतिगत चर्चाओं के आधिकारिक परिणाम का इंतजार करेंगे, क्योंकि शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट (Shops and Establishments Act) में कोई भी संशोधन शहर में हॉस्पिटैलिटी व्यवसायों के ऑपरेशनल स्केल को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.