विराट कोहली का बड़ा दांव! ₹40 करोड़ लगाकर Puma से डील खत्म, अब Agilitas Sports के बने हिस्सेदार

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
विराट कोहली का बड़ा दांव! ₹40 करोड़ लगाकर Puma से डील खत्म, अब Agilitas Sports के बने हिस्सेदार

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपने बिजनेस स्ट्रैटेजी में एक बड़ा बदलाव किया है। कोहली ने स्पोर्ट्सवियर स्टार्टअप Agilitas Sports में **40 करोड़ रुपये** का निवेश किया है और **1.94%** हिस्सेदारी खरीदी है। इस कदम के साथ ही, उन्होंने ग्लोबल स्पोर्ट्स ब्रांड Puma के साथ अपने **₹300 करोड़** के एक्सटेंशन डील को ठुकरा दिया है।

एंडोर्समेंट से ओनरशिप की ओर बड़ा कदम

विराट कोहली अब सिर्फ ब्रांड के चेहरे नहीं रहेंगे, बल्कि कंपनी के विकास में सीधे तौर पर भागीदार बनेंगे। Agilitas Sports में 40 करोड़ रुपये के निजी निवेश से उन्हें 1.94% की हिस्सेदारी मिली है। यह कदम Puma के साथ आठ साल के लिए 300 करोड़ रुपये की डील को ठुकराकर उठाया गया है। इस तरह, अब उनका रिटर्न कंपनी की लंबी अवधि की सफलता और वैल्यूएशन पर निर्भर करेगा, जो कि एंडोर्समेंट के फिक्स्ड इनकम मॉडल से बिल्कुल अलग है।

वर्टिकल इंटीग्रेशन की रणनीति

Puma इंडिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक गांगुली द्वारा 2023 में स्थापित Agilitas Sports, वर्टिकल इंटीग्रेशन यानी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एंड-यूजर तक की पूरी सप्लाई चेन को कंट्रोल करने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी ने हाल ही में Mochiko Shoes का अधिग्रहण किया है, जो Adidas, Reebok और Skechers जैसे बड़े ब्रांड्स के लिए जूते बनाती रही है। नोएडा और उत्तराखंड में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर कंट्रोल से Agilitas को बेहतर मार्जिन और ऑपरेशनल कंट्रोल मिलने की उम्मीद है। यह भारत में फुटवियर इंपोर्ट से जुड़े नियमों और डोमेस्टिक प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की सरकारी मंशा के मद्देनजर एक अहम कदम है।

वैल्यूएशन और फाइनेंशियल टारगेट

Agilitas Sports को Convergent Finance, Nexus Venture Partners और Rainmatter जैसी फर्मों से भी फंडिंग मिली है। लेटेस्ट फंडिंग राउंड के बाद, कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 2,058 करोड़ रुपये आंका गया है। कंपनी का लक्ष्य तेजी से ग्रोथ करना है। Mochiko Shoes ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में 642 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया था, और Agilitas ने फाइनेंशियल ईयर 2026 तक 1,350 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

बिजनेस रिस्क और देखने लायक बातें

स्पोर्ट्स फुटवियर सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों को Agilitas के एसेट-हैवी मैन्युफैक्चरिंग मॉडल और ट्रेडिशनल एसेट-लाइट एंडोर्समेंट मॉडल के बीच के अंतर को समझना होगा। मैन्युफैक्चरिंग पर कंट्रोल से मार्जिन बढ़ सकता है, लेकिन इसमें बड़े कैपिटल इन्वेस्टमेंट और ऑपरेशनल रिस्क भी शामिल हैं। भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव है, और Agilitas को अपने 'One8' ब्रांड और अन्य क्लाइंट्स के लिए प्रोडक्शन बढ़ाते हुए लागत को कंट्रोल में रखना होगा। प्रीमियम फुटवियर मार्केट कंज्यूमर ट्रेंड्स के प्रति बहुत संवेदनशील होता है, इसलिए लगातार इनोवेशन जरूरी होगा। कंपनी के लिए मुख्य फोकस यह होगा कि वह अपने रेवेन्यू टारगेट को पूरा कर सके, नई फैक्ट्रियों का बेहतर इस्तेमाल कर सके और भारतीय बाजार में स्थापित ब्रांड्स से मुकाबला कर सके।

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